Corona In Kanpur: कोविड अस्पतालों के बेड दलाल कर रहे ब्लैक, हैलट से लेकर निजी अस्पतालों तक सक्रिय
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अस्पताल वाले जब बेड खाली न होने का रोगी और तीमारदारों को टका सा जवाब दे देते हैं तो दलाल वहीं आकर रकम बताते हैं और रोगी को उसी अस्पताल में भर्ती करवा देते हैं। सवाल उठता है कि जब बेड खाली नहीं था तो दलाल ने कैसे दिला दिया।
हैलट की खराब व्यवस्था का डर दिखाते हैं
हैलट इमरजेंसी में जब कोरोना रोगी आता है तो उसे परिसर में ही कोविड अस्पताल जाने को कहा जाता है। यहीं दलाल उसे पकड़ते हैं। उनके पास एंबुलेंस भी होती है और वे रोगी और उसके घरवालों को बहका कर निजी कोविड अस्पताल ले जाते हैं। दलाल कहते हैं कि हैलट में जो आता है मर जाता है, उनके बताए अस्पताल में रोगी बच जाएगा। यहां भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक मांगे जाते हैं।
फतेहपुर से एक रोगी हैलट इमरजेंसी बुधवार रात ढाई बजे लाया गया। यहां रोगी की जांच हुई। रोगी को मैटरनिटी विंग में जाने के लिए कहा गया। तभी मनोहर बताने वाला शख्स आया। परिजनों से कहा कि यहां डाक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं उन्हें कोरोना हो गया। इसके बाद एंबुलेंस में बैठकर दक्षिण के एक अस्पताल ले गया।
कोई अस्पताल या किसी गिरोह का दलाल ऐसी हरकत कर रहा है तो परिजन सीधे मुझे बताएं। दोषी के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाया जाएगा। किसी को भी इस तरह की हरकत नहीं करने दी जाएगी।
डॉ.अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ