फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Coronavirus Medicine India Latest News: Covid 19 medicine

Coronavirus Medicine: इस दवा को खाने से ठीक हो रहे हैं कोरोना के मरीज, पांच दिन में मिलता है आराम

Fri, 19 Jun 2020 10:42 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 19 Jun 2020 10:42 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus Medicine India Latest News: Covid 19  medicine
भारत में कोरोनो वायरस दवा - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओर से तैयार की गई आयुर्वेदिक दवा राज निर्वाण बटी (आरएनबी) करोना के मरीजों में असरदार साबित हो रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कोविड मरीजों के लिए राजनिर्वाण बटी को बनाने की हरी झंडी दी है। जिसके बाद कोरोना मरीजों के लिए इस दवा का निर्माण शुरू हो गया है।
विज्ञापन


एलोपैथ और आयुर्वेद के घटक से तैयार इस एलोवैदिक बटी का कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्रयोग सफल रहा है। चिकित्सा विवि के कुलपति कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि पहले चरण में कोविड-19 अस्पतालों के लिए यह दवा बनाई जा रही है। बाजार में इसकी उपलब्धता अगले चरण में हो सकेगी।
विज्ञापन


कुलपति प्रोफेसर राजकुमार ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश के आयुर्वेदाचार्य योगीराज निर्वाण देव के साथ मिलकर शोध करके राजनिर्वाण बटी तैयार की है। आयुर्वेद के 12 और एलोपैथ के 1 घटक को मिलाकर पहले काढ़ा तैयार किया गया। सकारात्मक परिणाम आने के बाद इसे बटी के रूप में बनाया गया। इसका कोरोना संक्रमित 40 गंभीर मरीजों पर परीक्षण किया गया। जो पूरी तरह से सफल रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

Coronavirus Medicine India Latest News: Covid 19  medicine
भारत में कोरोनो वायरस दवा - फोटो : amar ujala
इसमें 9 मरीज 60 वर्ष की ऊपर के उम्र वाले और 8 मरीज दमा, शुगर, कैंसर और दिल की बीमारी से ग्रसित थे। बटी देने के बाद 26 मरीजों की रिपोर्ट पांचवें दिन निगेटिव आ गई। चार मरीज 10वें दिन ठीक हो गए और बाकी दस मरीजों का उपचार चल रहा है। कोविड मरीजों पर दवा के परीक्षण की यह रिपोर्ट आईसीएमआर को भेजी गई जिसके बाद वहां से दवा बनाने की अनुमति मिली है।

कोरोना के मामले आने के साथ ही विश्वविद्यालय ने इसपर रिसर्च करनी शुरू कर दी थी। हमने सबसे पहले यह देखा कि कोरोना शरीर के किन-किन हिस्सों पर पहले अटैक करता है। जिसकी वजह से कोविड मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। इसके बाद प्राचीन चिकित्सा की उन दवाओं को छांटा गया जो इस सिस्टम के लिए कारगर हैं। 

फिर इन प्राचीन दवाओं पर आधुनिक चिकित्सा में हुए शोधों का अध्ययन किया गया। महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्यों की मदद भी ली गई। फिर कोविड-19 अस्पताल में भर्ती 103 मरीजों में से 20 मरीजों का चयन किया गया। जिनमें कोरोना के अधिक लक्षण थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed