{"_id":"5efa14c08ebc3ea15824ef2c","slug":"courts-in-kanpur-closed-till-8-july","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर में अदालतें 8 जुलाई तक बंद, कंटेनमेंट जोन में रहने के कारण जिला जज ने लिया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर में अदालतें 8 जुलाई तक बंद, कंटेनमेंट जोन में रहने के कारण जिला जज ने लिया फैसला
Mon, 29 Jun 2020 09:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 29 Jun 2020 09:54 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
कानपुर कंटेनमेंट जोन में रहने के कारण जिला जज अशोक कुमार सिंह ने दीवानी न्यायालय को आठ जुलाई तक बंद रखने का आदेश कर दिया है। दीवानी व फौजदारी मुकदमों के अलावा जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के लिए भी सामान्य तारीखें लगा दी गई हैं।
जिला जज ने डीएम, सीएमओ, एसपी पश्चिम व अपर नगर आयुक्त के साथ बैठक कर हालात की जानकारी ली। सीएमओ ने रिपोर्ट में कहा कि कचहरी कंटेनमेंट जोन में आती है। सीएमओ की रिपोर्ट व डीएम की सहमति के बाद जिला जज ने न्यायालयों को 8 जुलाई तक बंद रखने का आदेश कर दिया।
इस दौरान मुल्जिमों के रिमांड व जमानत का काम छुट्टी के दिनों की तरह ही चलता रहेगा। 30 जून से 8 जुलाई तक नियत फौजदारी मुकदमों में क्रमश: 29 अगस्त से 7 सितंबर तक की तिथि नियत कर दी गई है।
विज्ञापन
1 से 8 जुलाई के बीच लगे दीवानी मुकदमों में क्रमश: 30 जुलाई से 10 अगस्त की सामान्य तारीखें लगा दी गई हैं। वहीं 30 जून से 8 जुलाई तक नियत जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई अब 13 से 21 जुलाई के बीच होगी।
विज्ञापन
जिला जज ने डीएम, सीएमओ, एसपी पश्चिम व अपर नगर आयुक्त के साथ बैठक कर हालात की जानकारी ली। सीएमओ ने रिपोर्ट में कहा कि कचहरी कंटेनमेंट जोन में आती है। सीएमओ की रिपोर्ट व डीएम की सहमति के बाद जिला जज ने न्यायालयों को 8 जुलाई तक बंद रखने का आदेश कर दिया।
विज्ञापन
इस दौरान मुल्जिमों के रिमांड व जमानत का काम छुट्टी के दिनों की तरह ही चलता रहेगा। 30 जून से 8 जुलाई तक नियत फौजदारी मुकदमों में क्रमश: 29 अगस्त से 7 सितंबर तक की तिथि नियत कर दी गई है।
विज्ञापन
1 से 8 जुलाई के बीच लगे दीवानी मुकदमों में क्रमश: 30 जुलाई से 10 अगस्त की सामान्य तारीखें लगा दी गई हैं। वहीं 30 जून से 8 जुलाई तक नियत जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई अब 13 से 21 जुलाई के बीच होगी।