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पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार: खुद फंसे तो दूसरों का खोलने लगे काला चिट्ठा, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
Thu, 25 Mar 2021 02:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर आजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर आजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 25 Mar 2021 02:43 PM IST
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सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते ग्राम विकास अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में गलत तरीके से लोगों को लाभ देने के मामले में एफआईआर के आदेश के बाद ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों और लेखाकारों ने मोर्चा खोल दिया है। खुद पर कार्रवाई की तलवार लटकी तो बुधवार को छह अन्य ब्लॉकों में गड़बड़ी की लिस्ट लेकर सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार के सामने पहुंच गए।
परियोजना निदेशक पर पैसे लेकर दूसरे ब्लॉकों के अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजना के तहत जिले में 3581 लोगों को पात्र सूची में शामिल किया गया था। इन्हें घर बनवाने के लिए किस्तों में 1.20 लाख रुपये मिलने हैं। 3337 लोगों के खाते में पहली किस्त भी पहुंच गई।
शासन की जांच में पता चला कि सचिवों और वीडीओ ने क्रम का उल्लंघन कर लोगों को योजना का पात्र बना दिया। सीडीओ ने परियोजना निदेशक केके पांडेय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराई। इसमें पता चला कि बिल्हौर, कल्याणपुर, चौबेपुर ब्लॉक में 238 लोगों को क्रमांक छोड़कर पात्र बना दिया।
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इस पर सीडीओ ने 13 वीडीओ, पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों और तीन लेखाकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इस पर इन लोगों ने सीडीओ से मुलाकात की और बताया कि भीतरगांव में 23, शिवराजपुर में 71, ककवन में 58, पतारा में 150, घाटमपुर में 79, बिधनू में 126 लोगों को क्रम का उल्लंघन कर पात्र बनाया गया है।
आरोप लगाया कि परियोजना निदेशक केके पांडेय ने पैसा लेकर गलत रिपोर्ट दी है। शिवराजपुर ब्लॉक के बीडीओ का प्रभार भी उनके पास है। वीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारियोें ने सीडीओ को ज्ञापन देकर दोबारा जांच कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि ऐसा न हुआ तो कलमबंद हड़ताल करेंगे। सीडीओ ने उनके द्वारा सौंपी गई सूची की जांच कराने का आश्वासन दिया है। कहा है कि आरोप सही पाए जाते हैं जांच अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
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परियोजना निदेशक पर पैसे लेकर दूसरे ब्लॉकों के अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजना के तहत जिले में 3581 लोगों को पात्र सूची में शामिल किया गया था। इन्हें घर बनवाने के लिए किस्तों में 1.20 लाख रुपये मिलने हैं। 3337 लोगों के खाते में पहली किस्त भी पहुंच गई।
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शासन की जांच में पता चला कि सचिवों और वीडीओ ने क्रम का उल्लंघन कर लोगों को योजना का पात्र बना दिया। सीडीओ ने परियोजना निदेशक केके पांडेय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराई। इसमें पता चला कि बिल्हौर, कल्याणपुर, चौबेपुर ब्लॉक में 238 लोगों को क्रमांक छोड़कर पात्र बना दिया।
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इस पर सीडीओ ने 13 वीडीओ, पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों और तीन लेखाकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इस पर इन लोगों ने सीडीओ से मुलाकात की और बताया कि भीतरगांव में 23, शिवराजपुर में 71, ककवन में 58, पतारा में 150, घाटमपुर में 79, बिधनू में 126 लोगों को क्रम का उल्लंघन कर पात्र बनाया गया है।
आरोप लगाया कि परियोजना निदेशक केके पांडेय ने पैसा लेकर गलत रिपोर्ट दी है। शिवराजपुर ब्लॉक के बीडीओ का प्रभार भी उनके पास है। वीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारियोें ने सीडीओ को ज्ञापन देकर दोबारा जांच कराने की मांग की है। चेतावनी दी है कि ऐसा न हुआ तो कलमबंद हड़ताल करेंगे। सीडीओ ने उनके द्वारा सौंपी गई सूची की जांच कराने का आश्वासन दिया है। कहा है कि आरोप सही पाए जाते हैं जांच अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।