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Coronavirus: जब घातक हो जा रहा ऑक्सीजन लेवल, तब हैलट पहुंच रहे रोगी, कोरोना अचानक हो रहा हावी
Thu, 06 Aug 2020 09:01 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 06 Aug 2020 09:01 AM IST
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कानपुर के हैलट
- फोटो : amar ujala
कानपुर में हैलट के लेवल थ्री अस्पताल में आने वाले मरीजों का ऑक्सीजन लेवल काफी लो रह रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि रोगी की स्थिति सुधरती दिखाई देती है, फिर अचानक खराब हो जाती है। ऑक्सीजन लेवल काफी लो होने से रोगी एक्यूट रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम में चले जाते हैं, और मौत हो जाती है।
अगर रोगी समय से भर्ती हों तो उनकी जान बच सकती है। अस्पताल आने वाले ज्यादातर रोगियों का ऑक्सीजन लेवल 36 से अधिकतम 75 प्रतिशत के बीच मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर व्यक्ति की उम्र 50 साल है तो ऑक्सीजन सेच्युरेशन कम से कम 95 प्रतिशत होनी चाहिए। जबकि 50 साल से कम उम्र वालों के लिए ऑक्सीजन सेच्युरेशन 98 प्रतिशत है।
94 प्रतिशत से नीचे ऑक्सीजन सेच्युरेशन आने पर रोगी की स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि इस वक्त आने वाले मरीजों का ऑक्सीजन सेच्युरेशन बहुत कम रह रहा है। अधिकतम 75 प्रतिशत मिल रहा। अगर रोगी जल्दी आएं तो उनकी स्थिति सुधर सकती है। अस्पतालों को ऐसे रोगियों को समय से रेफर कर देना चाहिए।
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अगर रोगी समय से भर्ती हों तो उनकी जान बच सकती है। अस्पताल आने वाले ज्यादातर रोगियों का ऑक्सीजन लेवल 36 से अधिकतम 75 प्रतिशत के बीच मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर व्यक्ति की उम्र 50 साल है तो ऑक्सीजन सेच्युरेशन कम से कम 95 प्रतिशत होनी चाहिए। जबकि 50 साल से कम उम्र वालों के लिए ऑक्सीजन सेच्युरेशन 98 प्रतिशत है।
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94 प्रतिशत से नीचे ऑक्सीजन सेच्युरेशन आने पर रोगी की स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि इस वक्त आने वाले मरीजों का ऑक्सीजन सेच्युरेशन बहुत कम रह रहा है। अधिकतम 75 प्रतिशत मिल रहा। अगर रोगी जल्दी आएं तो उनकी स्थिति सुधर सकती है। अस्पतालों को ऐसे रोगियों को समय से रेफर कर देना चाहिए।
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