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Coronavirus: ब्लड ग्रुप नहीं देखता कोरोना, खतरा सबको बराबर, ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग के शोध में खुलासा
Mon, 28 Dec 2020 11:43 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 28 Dec 2020 11:43 AM IST
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
कोरोना संक्रमण ब्लड ग्रुप देखकर नहीं होता है। जो भी लापरवाही बरतेगा, मास्क नहीं पहनेगा और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखेगा, वह संक्रमित हो सकता है। अभी तक यह कहा जा रहा था कि ओ ब्लड ग्रुप वालों को कोरोना कम होता है और बी ग्रुप वालों को ज्यादा।
लेकिन यह भ्रांति है, कोरोना किसी को भी हो सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग के शोध में यह बात स्पष्ट हो गई है। ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग ने एक हजार 559 कोरोना संक्रमित रोगियों पर शोध किया।
जांच में पता चला कि सभी ब्लड ग्रुप वालों को संक्रमण हुआ है। कुल संक्रमितों में 30 फीसदी ओ ब्लड ग्रुप वाले हैं। बी ग्रुप वाले 36 फीसदी रोगी रहे हैं। इसके अलावा ए ग्रुप और एबी ग्रुप वाले भी संक्रमित हुए हैं। बी ब्लड ग्रुप वाले लोग अधिक होते हैं, उसी हिसाब से संक्रमितों में उनकी संख्या अधिक है।
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विभाग की नोडल अधिकारी और हैलट ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण में ब्लड ग्रुप का कोई चक्कर नहीं है। शोध से स्पष्ट हो गया है। शोध रिपोर्ट इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च को भेजी जा रही है।
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लेकिन यह भ्रांति है, कोरोना किसी को भी हो सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग के शोध में यह बात स्पष्ट हो गई है। ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग ने एक हजार 559 कोरोना संक्रमित रोगियों पर शोध किया।
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जांच में पता चला कि सभी ब्लड ग्रुप वालों को संक्रमण हुआ है। कुल संक्रमितों में 30 फीसदी ओ ब्लड ग्रुप वाले हैं। बी ग्रुप वाले 36 फीसदी रोगी रहे हैं। इसके अलावा ए ग्रुप और एबी ग्रुप वाले भी संक्रमित हुए हैं। बी ब्लड ग्रुप वाले लोग अधिक होते हैं, उसी हिसाब से संक्रमितों में उनकी संख्या अधिक है।
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विभाग की नोडल अधिकारी और हैलट ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण में ब्लड ग्रुप का कोई चक्कर नहीं है। शोध से स्पष्ट हो गया है। शोध रिपोर्ट इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च को भेजी जा रही है।