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Kanpur: ओमिक्रॉन जैसा ही बीएफ.7, घबराएं नहीं, बचाव करें, कोमॉर्बिड रोगियों का सचेत रहना जरूरी

Sun, 25 Dec 2022 07:10 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 25 Dec 2022 07:10 PM IST
सार

माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता जैन ने बताया कि जो ओमिक्रॉन का संक्रमण चल रहा है, उसी तरह का असर बीएफ.7 का भी रहेगा। जुकाम, बुखार, खांसी जैसे शुरुआती लक्षण रहेंगे और निमोनिया का लक्षण आ सकता है। बहुत संक्रमित एसिम्प्टोमैटिक भी रहेंगे। लेकिन अभी तक कोरोना से बचाव के लिए जो गाइडलाइन जारी हुई है, उनका पालन करना जरूरी है।

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Coronavirus: BF.7 same as Omicron, don't panic
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

चीन में फैला कोविड का नया वैरिएंट बीएफ.7 डेल्टा प्लस जैसा खतरनाक नहीं है, यह ओमिक्रॉन जैसा ही है। इससे घबराने की नहीं है, बचाव करने की जरूरत है। अभी गुजरात में मिले बीएफ.7 के संक्रमित होम आइसोलेशन में ही इलाज से ठीक हो गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं और लापरवाही बरतते हैं, उनके लिए खतरा हो सकता है।
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ की माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता जैन ने बताया कि बचाव के लिए वही उपाय करने हैं, जो कोविड के दूसरे स्ट्रेन के लिए किए जाते हैं। मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता जैन ने फोन पर बताया कि जो ओमिक्रॉन का संक्रमण चल रहा है, उसी तरह का असर इसका भी रहेगा। जुकाम, बुखार, खांसी जैसे शुरुआती लक्षण रहेंगे और निमोनिया का लक्षण आ सकता है।
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बहुत संक्रमित एसिम्प्टोमैटिक भी रहेंगे। लेकिन अभी तक कोरोना से बचाव के लिए जो गाइडलाइन जारी हुई है, उनका पालन करना जरूरी है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ ने बताया कि वैक्सीन से जो इम्युनिटी पैदा हुई है, उससे बचाव होगा। जरूरी नहीं कि यह वायरल संक्रमण चीन जैसा घातक यहां भी रहे। वैक्सीन ने ओमिक्रॉन से बचाव किया है। बीएफ.7 में भी यह कारगर रहेगी। उन रोगियों के लिए ज्यादा खतरा है जिन्हें डायबिटीज, कैंसर या ऐसा रोग है जिसमें इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि गुजरात में बीएफ.7 के जो केस मिले हैं, वे होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए। उनमें कोई जटिल लक्षण नहीं उभरे। 

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