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कानपुर: तीन-चार दिन में भर्ती हो सकते न्यू लीलामणि अस्पताल में कोरोना रोगी
Sat, 20 Jun 2020 10:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 20 Jun 2020 10:27 PM IST
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लीलामणि हॉस्पिटल
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में बने पहले प्राइवेट कोविड अस्पताल न्यू लीलामणि में कोरोना रोगी भर्ती होने में तीन-चार दिन लग सकते हैं। कोरोना के खौफ के चलते यहां का स्टाफ काम करने को तैयार नहीं है। कोविड अस्पताल में तब्दील होने की बात पर कुछ मेडिकल स्टाफ इस्तीफा देने के लिए तैयार है।
अस्पताल के एमडी और कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि स्टाफ को काम के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके साथ अन्य व्यवस्था बनाई जा रही है। आईएमए और नर्सिंगहोम एसोसिएशन की डीएम के साथ बैठक के बाद सिविल लाइंस स्थित न्यू लीलामणि अस्पताल के एमडी डॉ. सरावगी अपने संस्थान को कोविड अस्पताल में तब्दील करने के लिए तैयार हुए थे।
अस्पताल में भर्ती दूसरे रोगों के रोगियों को डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया उसी दिन से शुरू हो गई। शनिवार दोपहर तक छह-सात रोगी अस्पताल में बचे थे लेकिन समस्या स्टाफ के काम करने की पैदा हो गई। डॉ. सरावगी का कहना है कि जब स्टाफ इस्तीफा देने को तैयार है तो मुश्किल आ जाती है, उस पर दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है।
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उन्हें समझाया जा रहा है। कोरोना रोगियों की भर्ती शुरू होने में तीन-चार दिन लग जाएंगे। स्टाफ के साथ डॉक्टरों को भी राजी करना है। कोरोना के इलाज में मेडिसिन के अलावा अन्य स्पेशियलिटी की भी जरूरत पड़ती है।
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अस्पताल के एमडी और कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि स्टाफ को काम के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके साथ अन्य व्यवस्था बनाई जा रही है। आईएमए और नर्सिंगहोम एसोसिएशन की डीएम के साथ बैठक के बाद सिविल लाइंस स्थित न्यू लीलामणि अस्पताल के एमडी डॉ. सरावगी अपने संस्थान को कोविड अस्पताल में तब्दील करने के लिए तैयार हुए थे।
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अस्पताल में भर्ती दूसरे रोगों के रोगियों को डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया उसी दिन से शुरू हो गई। शनिवार दोपहर तक छह-सात रोगी अस्पताल में बचे थे लेकिन समस्या स्टाफ के काम करने की पैदा हो गई। डॉ. सरावगी का कहना है कि जब स्टाफ इस्तीफा देने को तैयार है तो मुश्किल आ जाती है, उस पर दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है।
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उन्हें समझाया जा रहा है। कोरोना रोगियों की भर्ती शुरू होने में तीन-चार दिन लग जाएंगे। स्टाफ के साथ डॉक्टरों को भी राजी करना है। कोरोना के इलाज में मेडिसिन के अलावा अन्य स्पेशियलिटी की भी जरूरत पड़ती है।