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कोरोना का नया स्ट्रेन गले में नहीं रुक रहा, सीधे फेफड़े में उतर रहा, जांच रिपोर्ट में निगेटिव
Wed, 21 Apr 2021 06:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 21 Apr 2021 06:12 PM IST
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कोरोना जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के मरीजों में ऑक्सीजन इतनी तेजी से कम हो रही है कि रोगी अस्पताल की दहलीज पर जाकर दम तोड़ दे रहे हैं। रोगियों की जांच कोरोना निगेटिव आ रही है। जब सीटी स्कैन और एक्सरे कराया जा रहा है फेफड़ों में कोरोना संक्रमण का बदलाव दिख रहा है।
गले और नाक से सैंपल लेने पर वायरस पकड़ में नहीं आ रहा। घाटमपुर के अनूप (23) की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन आक्सीजन इतनी तेजी से गिरी की वेंटिलेटर पर जाने से पहले ही मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी पहुंचने पर शास्त्रीनगर की महिला रोगी निशा की मौत हो गई।
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गले और नाक से सैंपल लेने पर वायरस पकड़ में नहीं आ रहा। घाटमपुर के अनूप (23) की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन आक्सीजन इतनी तेजी से गिरी की वेंटिलेटर पर जाने से पहले ही मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी पहुंचने पर शास्त्रीनगर की महिला रोगी निशा की मौत हो गई।
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उनका ऑक्सीजन लेवल 50 पर आ गया था। जब तक किसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था होती महिला की मौत हो गई। इसी तरह स्वरूपनगर के रहने वाले राजेश कुमार (25) को जुकाम-बुखार था। एंटीजन जांच कराई तो निगेटिव आई।
इसके बाद खांसी न रुकी तो सीटी स्कैन कराया, उसमें कोरोना जैसा बदलाव आया है। एक्सरे और सीटी स्कैन रिपोर्ट के आधार पर कोरोना जैसे लक्षण वालों में सात प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन फेफड़ों में बदलाव कोरोना जैसा ही हो रहा है।
एक्सरे और सीटी कराना जरूरी
अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि वायरस म्यूटेशन कर लेता है तो उसके नेचर में बदलाव आ जाता है। इसी वजह से ऐसे कोरोना के लक्षण वाले रोगी जिनकी जांच निगेटिव होती है, उन्हें भी कोविड अस्पतालों के अलग वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। इससे उन्हें सही इलाज मिल सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का नया स्ट्रेन गले में नहीं रुक रहा है, वह सीधा फेफड़े में उतरकर डैमेज शुरू कर देता है। ऐसे में एक्सरे और सीटी जांच करा लेनी चाहिए।
इसके बाद खांसी न रुकी तो सीटी स्कैन कराया, उसमें कोरोना जैसा बदलाव आया है। एक्सरे और सीटी स्कैन रिपोर्ट के आधार पर कोरोना जैसे लक्षण वालों में सात प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन फेफड़ों में बदलाव कोरोना जैसा ही हो रहा है।
एक्सरे और सीटी कराना जरूरी
अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि वायरस म्यूटेशन कर लेता है तो उसके नेचर में बदलाव आ जाता है। इसी वजह से ऐसे कोरोना के लक्षण वाले रोगी जिनकी जांच निगेटिव होती है, उन्हें भी कोविड अस्पतालों के अलग वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। इससे उन्हें सही इलाज मिल सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का नया स्ट्रेन गले में नहीं रुक रहा है, वह सीधा फेफड़े में उतरकर डैमेज शुरू कर देता है। ऐसे में एक्सरे और सीटी जांच करा लेनी चाहिए।