{"_id":"5e94bd148ebc3e6fbc2833dc","slug":"corona-iit-ramadevi-news-knp555107445","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायरस को जला देगा आईआईटी का डिसइनफेक्टेन्ट चैंबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायरस को जला देगा आईआईटी का डिसइनफेक्टेन्ट चैंबर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। आईआईटी कानपुर ने एक ऐसा रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर तैयार किया है जो कोरोना वायरस सहित अन्य कीटाणुओं को भी जला देगा। दो चरणों में काम करने वाले इस रैपिड डिसइंफेक्टेंट चैंबर यानि त्वरित कीटाणुशोधन प्रक्रिया में पहले पूरा शरीर सैनिटाइज होगा फिर थर्मल शॉक चैंबर के अधिक तापमान में वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। इस चैंबर का इस्तेमाल मॉल, अस्पताल या किसी भी सार्वजनिक जगह में किया जा सकता है।
कोरोना से जंग में आईआईटी कानपुर नित नए शोध कर रहा है। जहां एक ओर 100 रुपये में सस्ती पीपीई तैयार की है तो दूसरी ओर पोर्टेबल वेंटिलेटर का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। इसके अलावा स्पेशल कोटिंग, एन 95 की खूबियों वाले सस्ते मास्क भी बना लिए हैं। आईआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि यह दो चरणों में काम करेगा।
पहले चरण में ऑटोमाइजेशन के तहत व्यक्ति को स्प्रे चैंबर में जाना होता है, डिसइंफेक्शन को पूरे शरीर में स्प्रे किया जाता है, जिससे सारे कीटाणु मर जाते हैं। इसके साथ ही हीट चैंबर या थर्मल शॉक चैंबर भी लगाया गया है। इस चैंबर का तापमान करीब 65 डिग्री होता है या बाहर के तापमान से 30 डिग्री अधिक होता है। स्प्रे चैंबर के बाद इस चैंबर में आते ही कीटाणु लगभग खत्म हो जाते हैं। पूरी प्रक्रिया करीब दो मिनट की होती है और हीट चैंबर में व्यक्ति को करीब 30 सेकेंड का समय देना होता है। प्रो. मणींद्र ने कहा कि इन दोनों का कांबिनेशन यूनीक है, इसको बनाने में करीब 50 हजार रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल पब्लिक प्लेस में बेहतर हो सकता है।
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर के हेल्थ सेंटर में यह चैंबर 31 मार्च से लगा हुआ है। जल्द ही एक और यूनिट लगाई जाएगी। आईआईटी प्रशासन, जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसे हॉस्पिटल और अन्य जगहों पर लगाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
कोरोना से जंग में आईआईटी कानपुर नित नए शोध कर रहा है। जहां एक ओर 100 रुपये में सस्ती पीपीई तैयार की है तो दूसरी ओर पोर्टेबल वेंटिलेटर का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। इसके अलावा स्पेशल कोटिंग, एन 95 की खूबियों वाले सस्ते मास्क भी बना लिए हैं। आईआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि यह दो चरणों में काम करेगा।
विज्ञापन
पहले चरण में ऑटोमाइजेशन के तहत व्यक्ति को स्प्रे चैंबर में जाना होता है, डिसइंफेक्शन को पूरे शरीर में स्प्रे किया जाता है, जिससे सारे कीटाणु मर जाते हैं। इसके साथ ही हीट चैंबर या थर्मल शॉक चैंबर भी लगाया गया है। इस चैंबर का तापमान करीब 65 डिग्री होता है या बाहर के तापमान से 30 डिग्री अधिक होता है। स्प्रे चैंबर के बाद इस चैंबर में आते ही कीटाणु लगभग खत्म हो जाते हैं। पूरी प्रक्रिया करीब दो मिनट की होती है और हीट चैंबर में व्यक्ति को करीब 30 सेकेंड का समय देना होता है। प्रो. मणींद्र ने कहा कि इन दोनों का कांबिनेशन यूनीक है, इसको बनाने में करीब 50 हजार रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल पब्लिक प्लेस में बेहतर हो सकता है।
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर के हेल्थ सेंटर में यह चैंबर 31 मार्च से लगा हुआ है। जल्द ही एक और यूनिट लगाई जाएगी। आईआईटी प्रशासन, जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसे हॉस्पिटल और अन्य जगहों पर लगाने की तैयारी की जा रही है।