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जारी रहेगी सराफा हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 22 Mar 2016 01:01 AM IST
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मुक्तसर में स्वर्णकारों के साथ मनप्रीत सिंह बादल, विधायक करन कौर बराड़ व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। ज्वैलरी पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में प्रदेश के सभी सराफा बाजार अनिश्चितकाल तक बंद रहेंगे। सोमवार को उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन की शहर में हुई प्रदेश स्तरीय कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। तय हुआ कि प्रदेश भर के सराफा कारोबारी इस बार होली नहीं मनाएंगे। आंदोलन का रुख और तीखा किया जाएगा। 22 मार्च से सभी शहरों के कारोबारी अपने क्षेत्र के विधायकों और सांसदों के आवास का घेराव करेंगे और वहीं धरना देंगे। कानपुर में सबसे पहले भाजपा विधायक सलिल विश्नोई का आवास घेरा जाएगा।
खत्री धर्मशाला बिरहाना रोड में बैठक शुरू होते ही प्रदेश भर से आए सराफा कारोबारियों ने इस बात पर हंगामा कर दिया कि आखिर बड़े संगठनों ने उनकी सहमति जाने बिना हड़ताल वापस कैसे ले ली? 19 दिन बाजार बंद करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ।
इस पर कारोबारियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख सराफा एसोसिएशन ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी फेडरेशन, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन और जेम्स ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के फैसले को नकार दिया। कहा कि सराफा कारोबारियों ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ सेटिंग करके हड़ताल वापसी की घोषणा की है। छोटे कारोबारियों को भरोसे में भी नहीं लिया गया।
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खत्री धर्मशाला बिरहाना रोड में बैठक शुरू होते ही प्रदेश भर से आए सराफा कारोबारियों ने इस बात पर हंगामा कर दिया कि आखिर बड़े संगठनों ने उनकी सहमति जाने बिना हड़ताल वापस कैसे ले ली? 19 दिन बाजार बंद करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ।
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इस पर कारोबारियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख सराफा एसोसिएशन ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी फेडरेशन, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन और जेम्स ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के फैसले को नकार दिया। कहा कि सराफा कारोबारियों ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ सेटिंग करके हड़ताल वापसी की घोषणा की है। छोटे कारोबारियों को भरोसे में भी नहीं लिया गया।
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