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टेनरी विवादः छह महीने की बंदी, 25 जांचें, नतीजा जीरो
Fri, 17 May 2019 09:41 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 17 May 2019 09:41 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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कानपुर में टेनरियों के संचालन को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। छह महीने से बंद टेनरियों की 25 बार जांच हो चुकी है, फिर भी न तो संचालन शुरू हो सका और न ही कोई नतीजा निकला है। इसी वजह से विवाद बढ़ता जा रहा है शासन ने कुंभ के मद्दनेजर 15 दिसंबर से टेनरियों के संचालन पर रोक लगाई थी।
टेनरी संचालकों के मुताबिक शासन के आदेशानुसार कुंभ के बाद टेनरियां शुरू होनी थीं। मगर अब तक नहीं खुलीं। इस बीच गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने कई बार प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की कि चोरी छिपे टेनरियों का संचालन किया जा रहा है, इसी वजह से सीईटीपी (कॉमन इफ्यूंट ट्रीटमेंट प्लांट) ओवरफ्लो हो रहा है।
जिसके बाद टीमों ने एक के बाद एक 25 बार जाचें कीं। टेनर्स एसोसिएशन के फिरोज आलम व टेनरी संचालक असद ईराकी का कहना है कि प्रशासन का दावा कि सीसामऊ नाले से निकलने वाले 18 एमएलडी पानी को रोज डायवर्ट किया है, झूठ है। उसका पूरा पानी सीईटीपी में जा रहा है। इसी वजह से सीईटीपी ओवरफ्लो हो रहा है।
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टेनरी संचालकों के मुताबिक शासन के आदेशानुसार कुंभ के बाद टेनरियां शुरू होनी थीं। मगर अब तक नहीं खुलीं। इस बीच गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने कई बार प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की कि चोरी छिपे टेनरियों का संचालन किया जा रहा है, इसी वजह से सीईटीपी (कॉमन इफ्यूंट ट्रीटमेंट प्लांट) ओवरफ्लो हो रहा है।
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जिसके बाद टीमों ने एक के बाद एक 25 बार जाचें कीं। टेनर्स एसोसिएशन के फिरोज आलम व टेनरी संचालक असद ईराकी का कहना है कि प्रशासन का दावा कि सीसामऊ नाले से निकलने वाले 18 एमएलडी पानी को रोज डायवर्ट किया है, झूठ है। उसका पूरा पानी सीईटीपी में जा रहा है। इसी वजह से सीईटीपी ओवरफ्लो हो रहा है।
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