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Kanpur News: जिले की 52 पीएचसी में संविदा कर्मियों ने की हड़ताल, बिना इलाज भटके मरीज
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कानपुर। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से शुक्रवार को नियमितीकरण और समान कार्य, समान वेतन की मांग को लेकर की गई हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में कर्मचारियों ने काम ठप रखा। इससे कई पीएचसी में ताले भी लटके रहे। इलाज, दवा और टीकाकरण की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
नौबस्ता, गंगापुर, लालपुर, गोपाल नगर, किदवईनगर और यशोदानगर समेत 20 से अधिक पीएचसी पूरी तरह संविदा कर्मियों के भरोसे संचालित होती हैं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण इन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। सुबह बच्चों को टीका लगवाने पहुंचे अभिभावक हों या बुखार से परेशान मरीज, सभी को बंद दरवाजों के सामने मायूस होना पड़ा। नियमित जांच और दवा के लिए आए लोगों की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
पीएचसी बंद होने से मरीजों का दबाव हैलट और उर्सला अस्पताल पर बढ़ गया। ओपीडी में पर्चा काउंटर से डॉक्टरों के कमरों तक लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि कर्मचारियों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। अतिरिक्त लोगों को लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखने का प्रयास किया जाएगा।
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पीएचसी में टीका लगवाने जाते हैं। बच्चे के बुखार का टीका लग रहा है। आज के दिन बुलाया गया था, लेकिन अस्पताल बंद होने के चलते टीका नहीं लग पाया।- निशा, नौबस्ता
कुछ दिन से बुखार आ रहा था। इसलिए इलाज के लिए पीएचसी आए थे लेकिन यहां ताला लटका मिला। अब इलाज के लिए हैलट जाना पड़ेगा। - नारायण, साकेतनगर
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नौबस्ता, गंगापुर, लालपुर, गोपाल नगर, किदवईनगर और यशोदानगर समेत 20 से अधिक पीएचसी पूरी तरह संविदा कर्मियों के भरोसे संचालित होती हैं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण इन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। सुबह बच्चों को टीका लगवाने पहुंचे अभिभावक हों या बुखार से परेशान मरीज, सभी को बंद दरवाजों के सामने मायूस होना पड़ा। नियमित जांच और दवा के लिए आए लोगों की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
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पीएचसी बंद होने से मरीजों का दबाव हैलट और उर्सला अस्पताल पर बढ़ गया। ओपीडी में पर्चा काउंटर से डॉक्टरों के कमरों तक लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि कर्मचारियों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। अतिरिक्त लोगों को लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखने का प्रयास किया जाएगा।
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पीएचसी में टीका लगवाने जाते हैं। बच्चे के बुखार का टीका लग रहा है। आज के दिन बुलाया गया था, लेकिन अस्पताल बंद होने के चलते टीका नहीं लग पाया।- निशा, नौबस्ता
कुछ दिन से बुखार आ रहा था। इसलिए इलाज के लिए पीएचसी आए थे लेकिन यहां ताला लटका मिला। अब इलाज के लिए हैलट जाना पड़ेगा। - नारायण, साकेतनगर