{"_id":"5b15901c4f1c1bb26e8b64ce","slug":"contempt-of-court-case-over-sho","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत की अवमानना में थानाध्यक्ष पर मुकदमा, कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत की अवमानना में थानाध्यक्ष पर मुकदमा, कारण बताओ नोटिस
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 05 Jun 2018 07:44 AM IST
विज्ञापन
डेमाे पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के बांदा जिले में अदालत में गवाही देने आने में लगातार चूक कर रहे गिरवां थानाध्यक्ष पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ने प्रकीर्ण फौजदारी मुकदमा दर्ज करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में थानाध्यक्ष को 6 जून को सुबह साढ़े 8 बजे तक व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश देने को कहा है।
गिरवां थाना से संबंधित सरकार बनाम गुलाम नबी उर्फ पप्पू का मुकदमा धारा 279 व 304-ए के तहत चल रहा है। इसमें गिरवां थानाध्यक्ष गवाह हैं। अदालत ने उन्हें एक जुलाई 2016 से अब तक लगभग एक दर्जन बार पड़ी तारीखों में गवाह पेश करने के आदेश दे चुकी है। लेकिन न गवाह आए, न सम्मन तामील की कोई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय डा.सुरेश कुमार ने बीती 25 मई को थानाध्यक्ष गिरवां को जारी नोटिस में कहा था कि न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है।
प्रोसेस पत्रावली कोर्ट में दाखिल नहीं की गई। न ही मोहलत की अर्जी दी गई। गवाह भी नहीं पेश हुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि इससे अग्रिम कार्रवाई प्रभावित हो रही है और न्यायिक कार्य बाधित हो गया है। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान के तहत सीमा में इसका निस्तारण किया जाना है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थानाध्यक्ष को 31 मई को तलब कर स्पष्टीकरण देने को कहा था। न आने पर धारा 350 की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी थानाध्यक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन
शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि थानाध्यक्ष गिरवां उप निरीक्षक नीरज कुमार के विरुद्ध प्रकीर्ण फौजदारी वाद धारा 349 सीआरपीसी के तहत दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मजिस्ट्रेट ने एसपी से कहा है कि थानाध्यक्ष को निर्देशित करें कि 6 जून को सुबह साढ़े 8 बजे तक न्यायालय में अपना स्पष्टीकरण व्यक्तिगत रूप से देना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
गिरवां थाना से संबंधित सरकार बनाम गुलाम नबी उर्फ पप्पू का मुकदमा धारा 279 व 304-ए के तहत चल रहा है। इसमें गिरवां थानाध्यक्ष गवाह हैं। अदालत ने उन्हें एक जुलाई 2016 से अब तक लगभग एक दर्जन बार पड़ी तारीखों में गवाह पेश करने के आदेश दे चुकी है। लेकिन न गवाह आए, न सम्मन तामील की कोई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय डा.सुरेश कुमार ने बीती 25 मई को थानाध्यक्ष गिरवां को जारी नोटिस में कहा था कि न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है।
विज्ञापन
प्रोसेस पत्रावली कोर्ट में दाखिल नहीं की गई। न ही मोहलत की अर्जी दी गई। गवाह भी नहीं पेश हुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि इससे अग्रिम कार्रवाई प्रभावित हो रही है और न्यायिक कार्य बाधित हो गया है। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान के तहत सीमा में इसका निस्तारण किया जाना है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थानाध्यक्ष को 31 मई को तलब कर स्पष्टीकरण देने को कहा था। न आने पर धारा 350 की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी थानाध्यक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन
शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि थानाध्यक्ष गिरवां उप निरीक्षक नीरज कुमार के विरुद्ध प्रकीर्ण फौजदारी वाद धारा 349 सीआरपीसी के तहत दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मजिस्ट्रेट ने एसपी से कहा है कि थानाध्यक्ष को निर्देशित करें कि 6 जून को सुबह साढ़े 8 बजे तक न्यायालय में अपना स्पष्टीकरण व्यक्तिगत रूप से देना सुनिश्चित करें।