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कैट ने राहुल को दी खुली बहस की चुनौती, जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बताने के बयान पर मांगा स्पष्टीकरण
Sat, 27 Apr 2019 11:41 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 27 Apr 2019 11:41 AM IST
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राहुल गांधी (फाइल फोटो)
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वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को गब्बर सिंह टैक्स कहने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मसले पर कानपुर में कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने खुली बहस की चुनौती दी है। कैट के पदाधिकारियों का तर्क है कि कांग्रेस अध्यक्ष जीएसटी पर बिना जानकारी के अपनी टिप्पणी कर रहे हैं। उन्हें जीएसटी पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा की ओर से बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष जीएसटी 2.0 लाने की बात कह रहे हैं।
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कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा की ओर से बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष जीएसटी 2.0 लाने की बात कह रहे हैं।
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उन्हें पता होना चाहिए कि जीएसटी केंद्र और राज्य सरकारों की रजामंदी से लागू किया गया है। कांग्रेस की कुछ राज्यों में ही सरकार है। ऐसे में वह इसे कैसे लागू करा पाएंगे, उन्हें यह बताना चाहिए। कैट का तर्क है कि जीएसटी से कारोबार करना आसान हुआ है।
व्यापारियों को अब वाणिज्यकर आदि के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। सरकार इनके रिटर्न और टैक्स स्लैब को लगातार सरलीकृत भी कर रही है। ऐसे में बिना इसकी जानकारी किए गब्बर सिंह टैक्स कहना गलत होगा।
व्यापारियों को अब वाणिज्यकर आदि के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। सरकार इनके रिटर्न और टैक्स स्लैब को लगातार सरलीकृत भी कर रही है। ऐसे में बिना इसकी जानकारी किए गब्बर सिंह टैक्स कहना गलत होगा।