कॉम्प्लेक्स अग्निकांड: नफीस टॉवर का एक हिस्सा झुका, खिड़कियों को तोड़ बुझा रहे आग
एनडीआरएफ के कमांडेंट अनिल कुमार अपनी टीम के साथ आग पर काबू पाने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि पूरी सर्विस में उन्होंने अब तक इतनी बड़ी आग नहीं देखी। दुकानों के शटरों के आकार बदलने से उन्हें खोलने में समस्या हो रही है।
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यूपी के सबसे बड़े थोक कपड़ा बाजार में लगी आग को बुझाने में दिन रात जुटे फायर फाइटर्स को कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। यूपी फायर सर्विस के जवान सत्येंद्र सिंह ने बताया कि लगातार आग जलने से नफीस टॉवर का एक हिस्सा झुक गया है। इसकी वजह से इमारत के अंदर जाकर आग बुझाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टॉवर में बड़ी-बड़ी खिड़कियां हैं। लेकिन, खिड़कियों को ईंट-सीमेंट की चुनाई से बंद कर दिया गया। इसकी वजह से धुआं बाहर नहीं निकल पा रहा है। अंदर प्रवेश करने में मुश्किल हो रही हैं। खिड़कियों को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनडीआरएफ के कमांडेंट अनिल कुमार अपनी टीम के साथ आग पर काबू पाने में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि पूरी सर्विस में उन्होंने अब तक इतनी बड़ी आग नहीं देखी। दुकानों के शटरों के आकार बदलने से उन्हें खोलने में समस्या हो रही है।
यूपी फायर सर्विस के जवान राकेश सिंह राणा ने बताया कि तीन साल नौकरी के हो गए। इतनी बड़ी आग को बुझाने का मौका पहली बार मिला है। रेस्क्यू के दौरान धुएं से बचने के लिए नाक पर गीला कपड़ा बांधकर काम कर रहे हैं। बताया कि खिड़की तोड़ने के दौरान काफी तेज आग की लपटें उठीं। किसी तरह नीचे कूदकर जान बचाई।
दुकानों के शटर बंद हैं, आग के चलते लोहे के शटर गलकर जाम हो गए हैं। आर्मी की फायर सर्विस में तैनात स्टेशन अफसर खुशी राम ने बताया कि 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त से आग बुझाने के काम में लगे हैं। फायर टेंडरों को पानी रिफिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस काम में एक गाड़ी को करीब पौन घंटे तक का समय लग रहा है।