फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Commissioner's action in Kanpur, The Inspector who was indisciplined and commented on PM-CM, forcibly retired

कमिश्नर का एक्शन: जबरिया रिटायर किए गए दरोगा नागेंद्र, पीएम-सीएम पर टिप्पणी और अधिकारियों से करते थे अभद्रता

Tue, 02 Aug 2022 08:58 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 02 Aug 2022 08:58 PM IST
सार

कोतवाली में तैनात दरोगा नागेंद्र यादव को जबरिया रिटायर किया गया है। दरोगा सोशल मीडिया पर पीएम और सीएम के खिलाफ आए दिन टिप्पणी करता था। उस पर एक राजनैतिक पार्टी से भी जुड़े होने और अधिकारियों से अभद्रता करने का आरोप है। 

विज्ञापन
Commissioner's action in Kanpur, The Inspector who was indisciplined and commented on PM-CM, forcibly retired
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के कोतवाली थाने में तैनात दरोगा नागेंद्र सिंह यादव को जबरन रिटायर कर दिया गया। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल रखा था। रिटायरमेंट के साथ ही दरोगा को तीन माह का समय दिया गया है। इससे कि वह अपना वेतन और अन्य भत्तों के सेटलमेंट कर सके। वहीं दूसरी ओर दारोगा ने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही है।

विज्ञापन

पुलिस की कार्यप्रणाली और आचरण दोनों पर ही शासन सख्त है। सरकार के गठन के बाद ही मुख्यमंत्री की तरफ से आदेश जारी हुआ था कि ऐसे पुलिस कर्मी जो अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर चुके हैं और उनकी उम्र 50 साल या उससे अधिक है, तो उनकी सूची तैयार कर अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया जाए। पूरे प्रदेश में ऐसे पुलिस कर्मियों की सूची बनना शुरू हुई। सूची तैयार होने के साथ ही उसपर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। 

विज्ञापन

इसी क्रम में कोतवाली में तैनात दरोगा नागेंद्र सिंह यादव के ऊपर भी इसी आदेश के तहत गाज गिर गई। नागेंद्र सिंह के ट्रैक रिकार्ड में खामियां ही खामियां मिली। बीते दस साल में  उसे तीन बार परनिंदा लेख से दंडित किया गया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में उसे दोषी पाया गया। अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाकर उसने अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया। 

उससे भी बड़ा वह शराब पीकर ड्यूटी पर भी आ जाता था। जिसपर उसका मेडिकल परीक्षण कराने के पर एल्कोहल की पुष्टि हुई। इसके साथ ही वह मनमाने ढंग से ऑफिस से अनुपस्थित रहा है। इन सब बिन्दुओं को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एडिश्नल सीपी हेडक्वाटर आनंद कुलकर्णी को सौंपी। इस आधार पर एडिश्नल सीपी हेडक्वाटर्स ने दरोगा को अनिवार्य रुप से रिटायर करने के आदेश दे दिए हैं। उनके आदेश के मुताबिक दरोगा तत्काल प्रभाव से रिटायर माना जाएगा और उसके पास अपने वेतन और फंड्स के सेटलमेंट के लिए तीन माह का समय होगा।

विज्ञापन

राजनैतिक पार्टियों में भी लेता था हिस्सा
कमेटी ने अपनी जांच में दावा किया है कि दरोगा  नरेंद्र सिंह यादव बिना सूचना अनुपस्थित होकर वह एक राजनैतिक पार्टी की रैलियों और कार्यक्रम में शामिल हो जाता है। इसके साथ ही वह के विभागीय कार्य में रुचि भी नहीं लेता है। कई बार वह नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंचा था। जिसकी पुष्टि डॉक्टरी परीक्षण के दौरान हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed