{"_id":"5dbff9268ebc3e013b28773a","slug":"comedian-raju-srivastav-said-about-diwali-crackers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बगदादी दीपावली मा अईस बम फोड़िन कि खुदौ फटि गे- राजू श्रीवास्तव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगदादी दीपावली मा अईस बम फोड़िन कि खुदौ फटि गे- राजू श्रीवास्तव
Mon, 04 Nov 2019 03:58 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 04 Nov 2019 03:58 PM IST
विज्ञापन
राजू श्रीवास्तव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोस्तों अभीन पिछले दिनों दीपावली वाले दिन अबू बकर बगदादी ई नश्वर शरीर का त्याग उई लोक मा पधारि गे.. हमरे हिसाब से बगदादी बहुतै शांतिप्रिय इन्सान रहैं.. एकांतवास पसंद करत रहैं.. हमेसा पहाड़न अउर गुफावन मा वास करत रहैं.. ऊ कभों कौनो पार्टी, डांस बार, डिस्को थेक, नाटक नौटंकी या कव्वाली पिरोग्राम मा नाहि गे.. बगदादी कभों मुंह से नाहि बोलत रहैं.. जब भी बोलत रहैं तो ‘गन’ से बोलत रहैं.. बहुतै ‘गनवान’ व्यक्ति रहैं..
राजू श्रीवास्तव
उई हमेसा लोगों का जोड़े की कोसिस कीन.. सब लोगन का जोड़ जोड़ बहुत बड़ा गिरोह बनाईन.. बगदादी दीपावली का बहुत मानत रहैं.. उनका मानना रहा कि दीपावली साल मा एक्कै बार काहे मनाई जावै.. यही खातिर उई पूरे साल दीपावली मनावत रहैं अउर बम पटाखे फोड़ा करत रहैं.. उनका दीपावली प्रेम अईस गजब रहा कि दीपावली से पहिले उई आपन घर की साफ सफाई अउर पुताई पेंट करिन अउर दीपावली वाले दिन अईस बमपिलाट हलब्बी बम फोड़िन कि खुदौ फटि गे..
Raju Srivastav
खैर ई तो रही बगदादी केर बात.. आजकाल जिंदगी मा सब कुछ अल्टी-पल्टी चलि रहा.. एकदम अमिताभ बच्चन वाले केबीसी केर लाइफ लाइन अल्टी-पल्टी जइसन.. अब बताव दिल्ली वाले केजरीवाल कहि रहें कि दुई हफ्ते खातिर दिल्ली पुलिस हमरे हवाले करि देव तो हम इनका सुधारि देबे.. अब केजरीवाल साहब का को बताये कि यही बात दिल्ली पुलिस उनके लिए कहि रही.. बताव आजकाल अईस गजब अल्टी-पल्टी चालि रहा.. अइसेहे एक ठो अल्टी-पल्टी सवाल हमरेहौ दिमाग मा घूमि रहा..
विज्ञापन
विज्ञापन
Raju Srivastav
कि ई जो राजनीति आय.. ई सेवा आय या नौकरी..? अगर ई सेवा आय तो फिर नेता लोगे भारी भारी तनख्वाह काहे लेत हैं.. सरकारी गाड़ी, बंगला अउर सब सुख सुविधा काहे भोगत हैं..? अउर अगर ई नौकरी आय तो फिर एकी शैक्षणिक योग्यता का है अउर एके इम्तिहान कहां होत हैं.. एकी भर्ती केर विज्ञापन कौने अखबार मा निकलत है अउर एके पासिंग मार्क कित्ते होत हैं.. अभीन दीपावली मा अइसेहे अल्टी-पल्टी खुद हमरे साथै हुई गा.. हमार साली सिविल लाइन्स मा रहत हैं..
विज्ञापन
राजू श्रीवास्तव
उई दीपावली पे आपन घरे खाने पे बुलाईन.. तो हम पंचे हमार साली के हिंया खाने पे गए.. जब खाना लगे लाग तो अइसेहे हमरे मुंह से निकसि गा कि ‘खाना खाय से पहिले जूता उतारि का !!’.. हमार साली खिसियाय के बोली जीजाजी.. जूते ना उतरिहौ तो खईहौ का .. बताव अईस भिगो के जूता मारिस कि का बताई.. सब अल्टी-पल्टी चालि रहा.. अभीन परसों टाटमिल चौराहे पे एक ट्रक खड़ा रहा.. ओके पीछे कुछ अईस अल्टी-पल्टी लिखा रहा कि हमसे रहा नाहि गवा.. हम ओके डराइबर का साइड मा लिहेन अउर पूछेन कि सरदार भगत सिंह का जानत हौ?.. उई कहिस नाहि..