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एक साथ दो विवि में पढ़ा रहे 48 गुरुजी, जांच में सामने आया मामला, अनुमोदन निरस्त

Thu, 04 Jun 2020 04:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 04 Jun 2020 04:27 PM IST
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Colleges playing a game of approval to get accredited
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी के 48 शिक्षक फैजाबाद के राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में भी अनुमोदित पाए गए हैं। विवि प्रशासन ने इनका अनुमोदन निरस्त कर दिया है। इनमें उन्नाव के 12, रायबरेली के 11, इटावा के 5, औरैया के 4, सीतापुर के 10, फतेहपुर के एक और कानपुर के पांच शिक्षक हैं।
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दरअसल, मान्यता प्राप्त करने के लिए कई कॉलेज नियम विरुद्ध जाकर अनुमोदन का खेल करते हैं। विवि के सूत्रों ने बताया कि कॉलेज मान्यता प्राप्त करने के लिए शिक्षकों के पद को पूर्ण करने की जुगत भिड़ाते हैं। ऐसे में दूसरी यूनिवर्सिटी के कुछ शिक्षकों को कॉलेज अपने यहां के शिक्षक दस्तावेजों में बना लेते हैं।
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इसके एवज में शिक्षकों को भुगतान भी किया जाता है। सीएसजेएमयू प्रशासन को इस बाबत शिकायत मिली थी कि विवि से संबद्ध कॉलेजों के कई शिक्षक दूसरी यूनिवर्सिटी में भी अनुमोदित हैं। जब जांच कराई गई तो मामला सामने आया।
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विवि के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि जांच में सामने आया कि 48 शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने दो दो जगह अनुमोदन करा रखा है। ऐसे सभी शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि दूसरी यूनिवर्सिटी में कोई शिक्षक अगर अनुमोदित है, इसकी जांच करना संभव नहीं होता है।
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