{"_id":"fae9d63c403334bceb7fa5dcc26ec863","slug":"collective-treatment-plant-of-hosiery-industry-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होजरी इंडस्ट्री का सामूहिक ट्रीटमेंट प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होजरी इंडस्ट्री का सामूहिक ट्रीटमेंट प्लांट
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sun, 07 Feb 2016 01:58 AM IST
विज्ञापन
होजरी इंडस्ट्री की नगर में स्थापित 11 इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण से गंगा को बचाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के सहयोग से सामूहिक ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
शनिवार को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम केंद्रीय उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने बातचीत में यह जानकारी दी। पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होजरी इंडस्ट्री को रेड जोन में रखने के प्रस्ताव को इस्टीमेट कमेटी के सामने रखा था। इस पर एनजीटी ने होजरी इंडस्ट्री को पक्ष रखने के लिए दिल्ली बुलाया था। केंद्र सरकार के सामने यह बात आने पर नया समाधान खोजा है।
दो दिन पहले एनजीटी के सामने होजरी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने कहा था कि वह लोग 15 से 20 लाख की रकम खर्च करके ऑनलाइन सिस्टम नहीं लगा सकते हैं। इंडस्ट्री एसोसिएशन की तरफ से मामले को केंद्र सरकार तक पहुंचाया। केंद्रीय मंत्री के सामने जब यह बात उठायी तो उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों की समस्या के निराकरण के लिए मंत्रालय काम कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए सोचा गया है कि छोटे उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित कचरे का निस्तारण एक साथ करने की व्यवस्था बनाई जाए। जिससे प्रदूषित कचरे का निस्तारण पूरी तरह रोका जा सके।
विज्ञापन
शनिवार को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम केंद्रीय उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने बातचीत में यह जानकारी दी। पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होजरी इंडस्ट्री को रेड जोन में रखने के प्रस्ताव को इस्टीमेट कमेटी के सामने रखा था। इस पर एनजीटी ने होजरी इंडस्ट्री को पक्ष रखने के लिए दिल्ली बुलाया था। केंद्र सरकार के सामने यह बात आने पर नया समाधान खोजा है।
विज्ञापन
दो दिन पहले एनजीटी के सामने होजरी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने कहा था कि वह लोग 15 से 20 लाख की रकम खर्च करके ऑनलाइन सिस्टम नहीं लगा सकते हैं। इंडस्ट्री एसोसिएशन की तरफ से मामले को केंद्र सरकार तक पहुंचाया। केंद्रीय मंत्री के सामने जब यह बात उठायी तो उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों की समस्या के निराकरण के लिए मंत्रालय काम कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए सोचा गया है कि छोटे उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित कचरे का निस्तारण एक साथ करने की व्यवस्था बनाई जाए। जिससे प्रदूषित कचरे का निस्तारण पूरी तरह रोका जा सके।