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UP: दो माह पहले इस गंभीर बीमारी का पता चला... तनाव में 9वीं के छात्र ने दे दी जान; सरकारी विभाग में हैं पिता
Sun, 07 Apr 2024 07:15 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Apr 2024 07:15 AM IST
सार
कानपुर के चकेरी में रहने वाले सीओडी कर्मचारी के बेटे ने खौफनाक कदम उठा लिया। सीओडी कर्मचारी के बेटे को दो माह पहले एक गंभीर बीमारी के बारे में पता चला था। तब से ही वह तनाव में था।
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kanpur suicide
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां चकेरी में केआरपुरम में रहने वाले मधुमेह (शुगर) से पीड़ित कक्षा नौ के छात्र ने शुक्रवार रात साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। उसे दो महीने पहले ही बीमारी के बारे में पता चला था। परिजनों के मुताबिक तभी से वह परेशान रहने लगा था।
मूलरूप से रायबरेली जिले के सलवन निवासी साहब लाल गौतम सीओडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। चकेरी में पत्नी रीता देवी और दो बेटों कपिल, नमन (14) के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा कपिल इंटर और नमन कक्षा नौ का छात्र था।
दो महीने पहले नमन की तबीयत बिगड़ी तो जांच कराई गई। इस पर डॉक्टरों ने उसे शुगर होने की जानकारी दी। साहब लाल के मुताबिक इसके बाद से नमन अक्सर बीमारी को लेकर परेशान रहता था। उसके शरीर पर दाने भी निकल आए थे।
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शुक्रवार रात करीब तीन बजे भी वह इधर-उधर टहल रहा था। तब साहब लाल ने उसे सोने भेज दिया था। कुछ देर बाद नमन ने पंखे के सहारे साड़ी का फंदा लगा जान दे दी। सुबह बड़े बेटे कपिल ने उसका शव फंदे से लटकता देखा। चकेरी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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मूलरूप से रायबरेली जिले के सलवन निवासी साहब लाल गौतम सीओडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। चकेरी में पत्नी रीता देवी और दो बेटों कपिल, नमन (14) के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा कपिल इंटर और नमन कक्षा नौ का छात्र था।
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दो महीने पहले नमन की तबीयत बिगड़ी तो जांच कराई गई। इस पर डॉक्टरों ने उसे शुगर होने की जानकारी दी। साहब लाल के मुताबिक इसके बाद से नमन अक्सर बीमारी को लेकर परेशान रहता था। उसके शरीर पर दाने भी निकल आए थे।
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शुक्रवार रात करीब तीन बजे भी वह इधर-उधर टहल रहा था। तब साहब लाल ने उसे सोने भेज दिया था। कुछ देर बाद नमन ने पंखे के सहारे साड़ी का फंदा लगा जान दे दी। सुबह बड़े बेटे कपिल ने उसका शव फंदे से लटकता देखा। चकेरी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
डायबिटीज टाइप-1 साधारण बीमारी, घबराएं नहीं
हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पीजी इंस्टीट्यूट के सीनियर इंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. शिवेंद्र वर्मा का कहना है कि बच्चों की डायबिटीज जिसे टाइप-1 कहते हैं, वह साधारण बीमारी की तरह ही है। उनके यहां सबसे छोटी रोगी चार साल की है।
हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पीजी इंस्टीट्यूट के सीनियर इंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. शिवेंद्र वर्मा का कहना है कि बच्चों की डायबिटीज जिसे टाइप-1 कहते हैं, वह साधारण बीमारी की तरह ही है। उनके यहां सबसे छोटी रोगी चार साल की है।
इलाज से रोगी साधारण जीवन जीता है। वह जिंदगी में जो चाहता है, सबकुछ कर सकता है। क्रिकेटर वसीम अकरम, अभिनेत्री सोनम कपूर को भी टाइप-1 डायबिटीज रही है।
रोगियों के बड़े होने पर शादी-ब्याह में भी कोई दिक्कत नहीं होती। उनके बच्चों को भी डायबिटीज हो, इसका भी रिस्क नहीं है। किसी टाइप-1 डायबिटीज हो या फिर टाइप-2 कतई घबराना नहीं चाहिए। इलाज और लाइफ स्टाइल में सुधार से स्थिति सामान्य रहती है।