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‘अमर उजाला’ ने सिलसिलेवार किया खुलासा, CM योगी ने लिया संज्ञान तो जागा प्रशासन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Jul 2017 08:01 AM IST
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‘अमर उजाला’ ने अवैध खनन पर 25 से 28 जून के बीच सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित किया। इसमें बताया कि किस तरह से इलाके में खनन माफिया सक्रिय हैं। इन खबरों की गूंज लखनऊ तक पहुंची। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद यहां के अफसर सक्रिय हुए और छापेमारी अभियान चला।
‘अमर उजाला’ ने 25 जून को ‘अवैध खनन पर फूटा गुस्सा’ और ‘एमपी में पुलिस और यूपी में माननीय पकड़ते बालू’ आदि खबरें फोटो सहित प्रमुखता से छापी थीं। इसके अलावा लमेहटा खदान में ग्रामीण और खदान वालों के बीच हुई फायरिंग की खबर 28 जून को ‘अवैध खनन में ग्रामीणों व खदानवालों में फायरिंग’ तथा ‘बालू को लेकर हो सकता है खून-खराबा’ (पूर्व विधायक विवेक सिंह का पत्र) खबरें छापीं। इन खबरों के जरिए यह साबित किया गया कि इलाके में अवैध खनन चल रहा है। इससे शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।
खबरें छपने के बाद अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने 28 जून को बांदा जिलाधिकारी को पत्र भेजा और उसी दिन जिले में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी। यह भी कहा है कि जनपद में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इस स्थिति से अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही और शांति व्यवस्था भंग रहने की संभावना रहती है। अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र के साथ 25 जून एवं 28 जून का ‘अमर उजाला’ भी संलग्न किया है। 28 जून को यह पत्र मिलते ही उसी दिन प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने पूरे जिले की खदानों में छापे मारकर करीब एक दर्जन मशीनें जब्त कीं और 22 लोगों की एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की।
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‘अमर उजाला’ ने 25 जून को ‘अवैध खनन पर फूटा गुस्सा’ और ‘एमपी में पुलिस और यूपी में माननीय पकड़ते बालू’ आदि खबरें फोटो सहित प्रमुखता से छापी थीं। इसके अलावा लमेहटा खदान में ग्रामीण और खदान वालों के बीच हुई फायरिंग की खबर 28 जून को ‘अवैध खनन में ग्रामीणों व खदानवालों में फायरिंग’ तथा ‘बालू को लेकर हो सकता है खून-खराबा’ (पूर्व विधायक विवेक सिंह का पत्र) खबरें छापीं। इन खबरों के जरिए यह साबित किया गया कि इलाके में अवैध खनन चल रहा है। इससे शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।
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खबरें छपने के बाद अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने 28 जून को बांदा जिलाधिकारी को पत्र भेजा और उसी दिन जिले में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी। यह भी कहा है कि जनपद में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इस स्थिति से अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही और शांति व्यवस्था भंग रहने की संभावना रहती है। अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र के साथ 25 जून एवं 28 जून का ‘अमर उजाला’ भी संलग्न किया है। 28 जून को यह पत्र मिलते ही उसी दिन प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने पूरे जिले की खदानों में छापे मारकर करीब एक दर्जन मशीनें जब्त कीं और 22 लोगों की एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की।
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