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Kanpur News: महिलाओं को कारोबार की बारीकियां सिखाएंगी सीएलएफ
Sun, 29 Mar 2026 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:04 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में ब्लॉक स्तर पर तैनात 1080 सीएलएफ (क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन) को कारोबार करने की बारीकियों को सिखाया गया है। अब यह ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रमण कर समूह की महिलाओं के साथ अपने हुनर को साझा कर रही हैं। साथ ही काम को आगे बढ़ाने में आ रही समस्याओं का समाधान करने में सहायता कर रही हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का काम कर रही हैं। इससे इनकी आमदनी हो रही है और वह लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल होकर नाम रोशन कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग ने ब्लॉक स्तर पर तैनात सीएलएफ को इनकी सहायता के लिए प्रशिक्षित किया है। अब यह ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रमण कर महिलाओं को कारोबार करने के तरीके व आगे बढ़ने में सहयोग कर रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि सीएलएफ महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याओं को जानकारी करते हुए सूचना तैयार करने का कार्य कर रही हैं। इसके आधार पर कारोबार में आ रही दिक्कत को दूर किया जाएगा। कई महिलाएं समस्याओं के कारण कारोबार नहीं कर पा रही हैं। वहीं, गांव स्तर पर रहने की वजह से इनकी आवाज उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में एनआरएलएम विभाग ने सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) कार्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ग्राम संगठन स्तर पर भी कार्यालय खोले जा रहे हैं।
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इसके अलावा यह समूह की महिलाओं की आवाज बनकर उनके सामाजिक व आर्थिक मुद्दों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके लिए एक ब्लॉक में चार सीएलएफ के हिसाब से 40 कार्यालय खोले जा रहे हैं। इनमें 25 में कार्यालय खुल चुके हैं, जबकि अन्य में जल्द ही खोले जाएंगे। वहीं ग्राम संगठन स्तर पर कार्यालय खोलने के लिए भी योजना पर काम किया जा रहा है।
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वर्जन.......
स्वयं का कारोबार कर रही कई समूह की महिलाओं को सही जानकारी न होने की वजह से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनकी समस्या के समाधान के लिए सीएलएफ को प्रशिक्षित किया गया है। यह महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी कर एकत्रित करते हुए समाधान करने का कार्य कर रही हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का काम कर रही हैं। इससे इनकी आमदनी हो रही है और वह लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल होकर नाम रोशन कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग ने ब्लॉक स्तर पर तैनात सीएलएफ को इनकी सहायता के लिए प्रशिक्षित किया है। अब यह ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रमण कर महिलाओं को कारोबार करने के तरीके व आगे बढ़ने में सहयोग कर रही हैं।
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जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि सीएलएफ महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याओं को जानकारी करते हुए सूचना तैयार करने का कार्य कर रही हैं। इसके आधार पर कारोबार में आ रही दिक्कत को दूर किया जाएगा। कई महिलाएं समस्याओं के कारण कारोबार नहीं कर पा रही हैं। वहीं, गांव स्तर पर रहने की वजह से इनकी आवाज उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में एनआरएलएम विभाग ने सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) कार्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ग्राम संगठन स्तर पर भी कार्यालय खोले जा रहे हैं।
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इसके अलावा यह समूह की महिलाओं की आवाज बनकर उनके सामाजिक व आर्थिक मुद्दों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके लिए एक ब्लॉक में चार सीएलएफ के हिसाब से 40 कार्यालय खोले जा रहे हैं। इनमें 25 में कार्यालय खुल चुके हैं, जबकि अन्य में जल्द ही खोले जाएंगे। वहीं ग्राम संगठन स्तर पर कार्यालय खोलने के लिए भी योजना पर काम किया जा रहा है।
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स्वयं का कारोबार कर रही कई समूह की महिलाओं को सही जानकारी न होने की वजह से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनकी समस्या के समाधान के लिए सीएलएफ को प्रशिक्षित किया गया है। यह महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी कर एकत्रित करते हुए समाधान करने का कार्य कर रही हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम