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UP: कक्षा नौ के छात्र ने सुसाइड नोट लिखा और फिर फाड़ दिया, की खुदकुशी, स्कूल टीचर ट्यूशन पढ़ने का बनाते थे दबाव
Sun, 17 May 2026 09:31 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 17 May 2026 09:31 AM IST
सार
यूपी के कानपुर में कक्षा नौ के छात्र ने खुदकुशी कर ली। पिता ने आरोप लगाया कि ट्यूशन के लिए स्कूल में परेशान किया जाता था। प्रबंधन ने कहा कि मौत का गम, लेकिन आरोप गलत और निराधार हैं। छात्र ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट लिखकर फाड़ दिया था।
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kanpur suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कानपुर के बर्रा निवासी हेड कांस्टेबल के 14 साल के कक्षा नौ में पढ़ने वाले बेटे ने अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर फंदा लगाकर जान दे दी। वह केशवनगर स्थित निजी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। पिता ने स्कूल के एक शिक्षक पर ट्यूशन पढ़ने के लिए प्रताड़ित करने और इसी के चलते बेटे के खुदकुशी कर लेने का आरोप लगाया। छात्र ने खुदकुशी से पहले पर्ची पर एक नोट लिखकर उसे फाड़ दिया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने आरोप निराधार बताए हैं।
मूलरूप से कौशांबी के मानीपुर निवासी हेड कांस्टेबल राकेश कुमार वर्तमान में लखनऊ की महानगर कोतवाली में तैनात हैं। उनकी पत्नी मीना व तीन बच्चे अभय, बेटी आर्या व आयुष प्रताप सिंह (14 ) थे। राकेश ने बताया कि सभी बच्चे केशवनगर स्थित निजी स्कूल में पढ़ते हैं।
अभय 12वीं और आर्या 7वीं की छात्रा है जबकि आयुष नौवीं में पढ़ता था। 13 मई को कौशांबी स्थित गांव में भतीजे की शादी समारोह में राकेश, पत्नी व बेटी के साथ गए थे। दोनों बेटे घर पर ही थे।
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मूलरूप से कौशांबी के मानीपुर निवासी हेड कांस्टेबल राकेश कुमार वर्तमान में लखनऊ की महानगर कोतवाली में तैनात हैं। उनकी पत्नी मीना व तीन बच्चे अभय, बेटी आर्या व आयुष प्रताप सिंह (14 ) थे। राकेश ने बताया कि सभी बच्चे केशवनगर स्थित निजी स्कूल में पढ़ते हैं।
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अभय 12वीं और आर्या 7वीं की छात्रा है जबकि आयुष नौवीं में पढ़ता था। 13 मई को कौशांबी स्थित गांव में भतीजे की शादी समारोह में राकेश, पत्नी व बेटी के साथ गए थे। दोनों बेटे घर पर ही थे।
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शुक्रवार शाम करीब सात बजे अभय ने फोन कर आयुष के खुद को कमरे में बंद कर लेने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने अभय से आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ने के लिए कहा।
आयुष के कमरे से एक फटी हुई पर्ची मिली
अभय ने लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो आयुष का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर बर्रा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच की। आयुष के कमरे से एक फटी हुई पर्ची मिली जिसमें कुछ लिखा था।
अभय ने लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो आयुष का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर बर्रा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच की। आयुष के कमरे से एक फटी हुई पर्ची मिली जिसमें कुछ लिखा था।
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल में शिक्षक ट्यूशन क्लासेज जॉइन करने का दबाव बना रहे थे। इसी से परेशान होकर बेटे ने जान दे दी। उन्होंने बताया कि बेटा स्कूल में पढ़ने के लिए मना कर रहा था।
उसने पिता को बताया था कि शिक्षक उनसे ट्यूशन न पढ़ने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देते हैं। वहीं, बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिजन की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मौत का गम, लेकिन गलत हैं आरोप
स्कूल के प्रबंधक ने छात्र की मौत पर शोक जताया लेकिन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा स्कूल में छात्रों पर कोई दबाव नहीं बनाया जाता है।
स्कूल के प्रबंधक ने छात्र की मौत पर शोक जताया लेकिन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा स्कूल में छात्रों पर कोई दबाव नहीं बनाया जाता है।
जन्मदिन पर मांगा था गिटार, पढ़ाई के लिए शादी में नहीं गया
कानपुर के बर्रा निवासी हेड कांस्टेबल राकेश के बेटे आयुष का शनिवार को जन्मदिन था लेकिन इससे एक दिन पहले शाम को ही उसने फंदा लगाकर जान दे दी। पीड़ित परिवार शनिवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस में बिलखता रहा। बेटे को खोने वाले राकेश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
कानपुर के बर्रा निवासी हेड कांस्टेबल राकेश के बेटे आयुष का शनिवार को जन्मदिन था लेकिन इससे एक दिन पहले शाम को ही उसने फंदा लगाकर जान दे दी। पीड़ित परिवार शनिवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस में बिलखता रहा। बेटे को खोने वाले राकेश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
'मैं नहीं शादी में नहीं जाएगा, घर पर ही रहकर पढ़ाई करेगा'
बोले, 16 मई को जन्मदिन होता था। हम सभी शादी में जाना चाहते थे लेकिन आयुष ने कहा कि वह नहीं शादी में नहीं जाएगा। घर पर ही रहकर पढ़ाई करेगा। हालांकि, इसके बदले उसने गिटार की इच्छा जताई थी।
बोले, 16 मई को जन्मदिन होता था। हम सभी शादी में जाना चाहते थे लेकिन आयुष ने कहा कि वह नहीं शादी में नहीं जाएगा। घर पर ही रहकर पढ़ाई करेगा। हालांकि, इसके बदले उसने गिटार की इच्छा जताई थी।
कहा कि पापा इस बार मेरे जन्मदिन पर मुझे गिटार दिला देना। इस पर उन्होंने हामी भर दी थी। सोचा था शादी से लौटकर उसे गिटार दिला देंगे। हालांकि, वहां से लौटे तो बेटे का शव मिला। बोले एक वह दिन था जब अस्पताल में उसके होने की सूचना पर फूला नहीं समा रहा था।
लग रहा था कि बुढ़ापे के दो सहारे हो गए। क्या पता था कि जिस दिन आया था उसी दिन सबको छोड़कर भी चला जाएगा। बोले, वह जन्मदिन पर वह अपनी जान दे देगा, इसका उन्हें अहसास नहीं था।
वहीं, जन्मदिन के दिन बेटे की मौत से मां मीना बेसुध हो गई, उन्होंने कहा कि कोई तकलीफ थी तो मुझसे कहता, ऐसा कदम क्यों उठा लिया मेरे लाल। इसके बाद वह कई बार बेहोश हुईं, जिन्हें साथ बैठी महिलाएं पानी के छींटे मारकर होश में लाईं और दिलासा देती रहीं। वहीं, बड़ा भाई अभय और छोटी बहन आर्या भी पिता के पास बैठे बिलखते रहे।