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Chitrakoot: डाकू शंकर केवट गैंग के चार सदस्यों को 10-10 वर्ष की सजा, दो ग्रामीणों का गैंग ने किया था अपहरण
Tue, 14 May 2024 11:10 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 14 May 2024 11:10 PM IST
सार
Chitrakoot News: वर्ष 2006 में राजापुर थाना क्षेत्र में डाकू शंकर केवट गैंग ने दो ग्रामीणों का अपहरण किया था। मामले में कोर्ट ने गैंग के चार सदस्यों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डकैतों की पकड़ से दो अपह्नत ग्रामीणों को छुड़वाने के दौरान हुई मुठभेड में पुलिस टीम व ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने के मामले के दोषी डाकू शंकर केवट गिरोह के चार सदस्यों को अदालत ने 10-10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 33 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
मंगलवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 13 जनवरी 2006 को तत्कालीन राजापुर थाना प्रभारी डॉ. संजय सिंह पुलिस टीम के साथ भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान लमियरी गांव के पास ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को रोककर बताया कि डाकू शंकर केवट का गिरोह लमियरी निवासी कल्लू रैदास व गया पाल का अपहरण करके ले गया है। पुलिस टीम ने कुछ दूर तक पीछा करने के बाद धौरहरा में ग्रामीणों के साथ बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरा देखकर डाकू सरगना शंकर केवट न उसके गिरोह के सदस्यों ने पुलिस और ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में एक ग्रामीण जुगराज सिंह उर्फ चुनकौना के पैर में बदमाशों की गोली लग गई।
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मंगलवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 13 जनवरी 2006 को तत्कालीन राजापुर थाना प्रभारी डॉ. संजय सिंह पुलिस टीम के साथ भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान लमियरी गांव के पास ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को रोककर बताया कि डाकू शंकर केवट का गिरोह लमियरी निवासी कल्लू रैदास व गया पाल का अपहरण करके ले गया है। पुलिस टीम ने कुछ दूर तक पीछा करने के बाद धौरहरा में ग्रामीणों के साथ बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरा देखकर डाकू सरगना शंकर केवट न उसके गिरोह के सदस्यों ने पुलिस और ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में एक ग्रामीण जुगराज सिंह उर्फ चुनकौना के पैर में बदमाशों की गोली लग गई।
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साथ ही कुछ बदमाशों को भी गोली लगी। जिसके बाद बदमाश भाग गए थे। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों ने मिलकर दोनों अपह्रत कल्लू रैदास व गया पाल को भी मुक्त करा लिया था। पुलिस ने इस मामले में डाकू शंकर के साथ उसके गिरोह के कई सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस मुठभेड में डाकू शंकर केवट मारा गया था। शेष आरोपी फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाने के चंदनापुर निवासी शिवकुमार केवट, बालुम उर्फ बालम केवट, धानेपुर निवासी दुर्गा केवट व राजापुर थाने के कुचौली गांव के निवासी जयनारायण शुक्ला के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने दोषी शिव कुमार केवट, बालुम उर्फ बालम केवट, जय नारायण शुक्ला, दुर्गा केवट को 10-10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।