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चित्रकूट: मंदाकिनी का जलस्तर घटने से प्रशासन ने ली राहत की सांस, यूपी-एमपी बॉर्डर पर आवागमन शुरु
Mon, 02 Aug 2021 10:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 02 Aug 2021 10:56 AM IST
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चित्रकूट में घटा जलस्तर
- फोटो : amar ujala
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चित्रकूट और आसपास के क्षेत्र में रात से बारिश थमने के बाद मंदाकिनी का जलस्तर घटने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली हैै। पाठा क्षेत्र की बरदहा नदी का भी जलस्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
स्थानीय प्रशासन की टीम इन गांव में पहुंचकर राहत देने का काम कर रही है। तरंगा कस्बे मैं सैकड़ों घर में जलभराव से लोग परेशान हैं। वहीं सावन के दूसरे सोमवार को दर्शन करने मंदिर पहुंचे भक्तगण अचंभित रह गए जब उन्होंने देखा कि प्राचीन मुखारविंद मंदिर में प्रभु कामदगिरि महाराज के मुख से जलधारा निकल रही है।
पुजारी ने बताया कि कल 1:30 से 1:45 तक धीरे-2 निकलती रही। आज सोमवार को कुछ देर तक ही यह जलधारा निकली थी। जानकी महल मंदिर के महंत सीता शरण दास महाराज ने बताया कि यह प्रभु कामत नाथ भगवान की लीला है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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स्थानीय प्रशासन की टीम इन गांव में पहुंचकर राहत देने का काम कर रही है। तरंगा कस्बे मैं सैकड़ों घर में जलभराव से लोग परेशान हैं। वहीं सावन के दूसरे सोमवार को दर्शन करने मंदिर पहुंचे भक्तगण अचंभित रह गए जब उन्होंने देखा कि प्राचीन मुखारविंद मंदिर में प्रभु कामदगिरि महाराज के मुख से जलधारा निकल रही है।
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पुजारी ने बताया कि कल 1:30 से 1:45 तक धीरे-2 निकलती रही। आज सोमवार को कुछ देर तक ही यह जलधारा निकली थी। जानकी महल मंदिर के महंत सीता शरण दास महाराज ने बताया कि यह प्रभु कामत नाथ भगवान की लीला है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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