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चित्रकूट: ठंड और भूख से बेहाल 12 गोवंश और मरे, गोशाला के पास मिले शव, फेंके जाने की चर्चा
Wed, 12 Jan 2022 12:47 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 12 Jan 2022 12:47 AM IST
सार
ग्रामीणों का कहना है कि 15 गोवंश थे जबकि सचिव का कहना है कि 12 गोवंश हैं। इस पूरे मामले में सदर एसडीएम पूजा यादव का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है।
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ठंड से गोवंशों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुंदेलखंड में गोवंशों की दुर्दशा जारी है। यहां ठंड और भूख से बेहाल 12 और गोवंशों की मौत हो गई। सदर ब्लाक के भरथौल गांव की गोशाला के पास मंगलवार को इनके शव पड़े मिले। ग्रामीणों में चर्चा है कि इन्हें पास की गोशाला से लाकर ही फेंका गया।
ग्रामीणों की सूचना पर प्रधान और सचिव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गोवंशों के शव कहीं और से लाकर यहां फेंके गए हैं। गोवंशों के कान में जियो टैग भी लगा है। डीएम ने इस मामले में अधिकारियों को भेजकर रिपोर्ट तलब की है।
जिले में अन्ना गोवंशों के भोजन व रहने के इंतजाम पर्याप्त न होने से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। गोशालाओं की हालत भी ठीक नहीं है। सर्दी बढ़ने और बारिश के बीच एक सप्ताह के अंदर पहाड़ी, शिवरामपुर, मऊ और रामनगर क्षेत्र की कई गोशालाओं में एक या दो गोवंश मरने की सूचना आए दिन आती है।
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मंगलवार को भरथौल गांव के मामले में स्थानीय निवासी चंद्रभान और शिवकुमार ने बताया कि सोमवार की शाम गोशाला के पास कई मृत गोवंश पड़े देखे गए। आरोप लगाया कि जिम्मेदारों ने इन गोवंशों को रात में ही नहर किनारे जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया।
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ग्रामीणों की सूचना पर प्रधान और सचिव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गोवंशों के शव कहीं और से लाकर यहां फेंके गए हैं। गोवंशों के कान में जियो टैग भी लगा है। डीएम ने इस मामले में अधिकारियों को भेजकर रिपोर्ट तलब की है।
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जिले में अन्ना गोवंशों के भोजन व रहने के इंतजाम पर्याप्त न होने से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। गोशालाओं की हालत भी ठीक नहीं है। सर्दी बढ़ने और बारिश के बीच एक सप्ताह के अंदर पहाड़ी, शिवरामपुर, मऊ और रामनगर क्षेत्र की कई गोशालाओं में एक या दो गोवंश मरने की सूचना आए दिन आती है।
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मंगलवार को भरथौल गांव के मामले में स्थानीय निवासी चंद्रभान और शिवकुमार ने बताया कि सोमवार की शाम गोशाला के पास कई मृत गोवंश पड़े देखे गए। आरोप लगाया कि जिम्मेदारों ने इन गोवंशों को रात में ही नहर किनारे जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया।
मंगलवार सुबह मामला सार्वजनिक होने पर प्रधान राजू कुमार और सचिव विनोद कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि आसपास के कुछ गांव से मृत गोवंश लाकर यहां फेंके गए हैं। उन्हें फंसाने की साजिश की जा रही है। इसके बाद शिवरामपुर से डॉक्टर बुलाकर गोवंशों को गड्ढों से निकालकर उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
इसके बाद फिर गड्ढों में दफना दिया गया। कई गोवंशों के कान में लगे जियो टैग की जानकारी ली गई तो सचिव ने बताया कि इसका रिकार्ड अभी डॉक्टर के पास है। बाद में इस मामले की जानकारी हो सकेगी। ग्रामीणों का कहना है कि 15 गोवंश थे जबकि सचिव का कहना है कि 12 गोवंश हैं। इस पूरे मामले में सदर एसडीएम पूजा यादव का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। उधर, डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने कहा कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके बाद फिर गड्ढों में दफना दिया गया। कई गोवंशों के कान में लगे जियो टैग की जानकारी ली गई तो सचिव ने बताया कि इसका रिकार्ड अभी डॉक्टर के पास है। बाद में इस मामले की जानकारी हो सकेगी। ग्रामीणों का कहना है कि 15 गोवंश थे जबकि सचिव का कहना है कि 12 गोवंश हैं। इस पूरे मामले में सदर एसडीएम पूजा यादव का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। उधर, डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने कहा कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।