UP: सड़क मांगी मिली बेरुखी! बच्चों ने घेरा डीएम कार्यालय; पांच घंटे चला बवाल, पीछे दरवाजे से निकल गए DM अंकल
Hamirpur News: “सड़क बनवा दो... हम भी पढ़ाई करेंगे और अफसर बनेंगे।” सोमवार को कलक्ट्रेट में चंदूपुर और आसपास के गांवों से पहुंचे स्कूली बच्चों की यही आवाज गूंजती रही। बरसात में कीचड़ और दलदल में तब्दील होने वाली कच्ची सड़क से परेशान बच्चों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया।
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सोमवार को हमीरपुर कलेक्ट्रेट परिसर में चंदूपुर और आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे स्कूली बच्चों की यही मासूम और आक्रोशित आवाज गूंजती रही। बारिश के दिनों में दलदल में तब्दील होने वाली कच्ची सड़क से तंग आकर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में लगातार 5 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया।
बच्चे अपनी पीड़ा सुनाने के लिए जिलाधिकारी अभिषेक गोयल से मिलना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि डीएम ने उनसे मिलना मुनासिब नहीं समझा। इससे भड़के बच्चों ने पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे डीएम दफ्तर के सामने हुंकार भरी और बाद में कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट पूरी तरह जाम कर दिया। इस बीच, बैठक खत्म होते ही जिलाधिकारी पीछे के रास्ते से निकल गए।
मनकी-हमीरपुर मार्ग आजादी के बाद से अब तक पूरी तरह पक्का नहीं हो सका है। चंदूपुर के पास सड़क का हिस्सा अभी भी कच्चा है। बारिश के दौरान यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
डीएम से मिलने की मांग पर अड़े रहे बच्चे
पुलिस और पीएसी ने बच्चों को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जाने से रोककर गोल चबूतरा पर प्रदर्शन करने को कहा। इसके बाद बच्चों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने पांच बच्चों के प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी से मिलाने की बात कही। पांच छात्राएं मिलने पहुंचीं, लेकिन जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज बच्चे पुलिस का घेरा तोड़कर डीएम कार्यालय के सामने पहुंच गए।
बाद में प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और वाहनों को रोककर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन में बच्चे डीएम से मिलने की मांग पर अड़े रहे। बैठक पूरी होने के बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल पीछे के रास्ते से निकल गए। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार, सदर एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ ने बच्चों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
पिछले महीने भी किया था प्रदर्शन
पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण और बच्चे पहले भी कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। बीते महीने भी स्कूली बच्चों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। उस समय सड़क पर मिट्टी डलवाकर समस्या के अस्थायी समाधान का प्रयास किया गया था, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा।
‘साहब, हमसे मिलने में क्या डर है’
प्रदर्शन कर रही छात्रा कल्पना निषाद ने कहा कि वह सड़क की समस्या बताने के लिए आई हैं। बरसात में सड़क पर कीचड़ हो जाता है और बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। उसने कहा कि बच्चों की उम्र प्रदर्शन करने की नहीं, पढ़ने की है। सड़क बन जाएगी तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
सड़क की वजह से छूटी पढ़ाई
गंगवा डेरा निवासी कोमल ने बताया कि वह कक्षा नौ तक पढ़ पाई। बारिश में सड़क खराब होने के कारण स्कूल जाना मुश्किल होता था। स्कूल पहुंचने में देरी होती और पढ़ाई छूटती गई। इसी वजह से उसने पढ़ाई छोड़ दी। अब वह चाहती हैं कि दूसरे बच्चों की पढ़ाई सड़क की वजह से न छूटे।
पचवा डेरा की कक्षा आठ की छात्रा अंजलि ने बताया कि बारिश के दिनों में कच्ची सड़क पर कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। सड़क बन जाए तो आसपास के गांवों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी और उनके सपनों को भी पंख लगेंगे।
वन विभाग से एनओसी के बाद 1.81 करोड़ की कार्ययोजना
प्रशासन के अनुसार मनकी मार्ग में वन विभाग की जमीन पर सड़क निर्माण के लिए एनओसी मिल चुकी है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने करीब 1600 मीटर सड़क के निर्माण के लिए 1.81 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
अपर जिलाधिकारी राजस्व एवं वित्त राकेश कुमार ने बताया कि प्रशासन ने सड़क की समस्या को संज्ञान में लिया है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। स्वीकृति के बाद निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों को राहत देने के लिए सड़क पर मिट्टी डलवाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्तर से समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।