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Kanpur News: जीआईसी रनियां में टाट पर बैठकर भविष्य बुन रहे बच्चे

Fri, 31 Jul 2026 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 31 Jul 2026 01:31 AM IST
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Children at GIC Raniya are weaving their future while sitting on jute mats.
कानपुर देहात/रनियां। रनियां के राजकीय इंटर कॉलेज में फर्नीचर का टोटा है। यहां कुल 400 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। केवल 125 विद्यार्थियों के बैठने के लिए ही फर्नीचर है। हर दिन 250 विद्यार्थियों के स्कूल आने का औसत है। ऐसे में करीब 100 विद्यार्थियों को टाट पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके अलावा 10वीं कक्षा में प्रमुख विषय विज्ञान, अंग्रेजी के और 12वीं में गणित और अंग्रेजी के अध्यापक ही नहीं हैं।
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फतेहपुर के किशनपुर में सर्वाेदय इंटर कॉलेज में पंखा और पीने के पानी की व्यवस्था न होने पर विद्यार्थियों ने मंगलवार को स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया था। जनपद में भी कई राजकीय स्कूलों में संसाधनों का टोटा है। ऐसे में यहां के विद्यार्थी भी कभी इस तरह का कदम उठा सकते हैं। रनियां में वर्ष 2019 में 2.77 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन बनाया गया। अभी भवन में बाउंड्रीवाल नहीं है। आस-पास बारिश का पानी भरता है। पेयजल के लिए परिसर में एक हैंडपंप है। गेट पर वाटर कूलर लगा है।
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हाईस्कूल में 108 बच्चों को पढ़ाने के लिए सात शिक्षकों में तीन की तैनाती है। इसमें विज्ञान, अंग्रेजी, कला व व्यायाम शिक्षक नहीं हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में 78 बच्चों को पढ़ाने के लिए 10 शिक्षकों में तीन शिक्षकों की तैनाती है। इसमें व्यायाम, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी व नागरिक शास्त्र के शिक्षक नहीं है। प्रधानाचार्य जीपी त्रिपाठी ने बताया कि इसी साल 50 हजार रुपये की ग्रांट मिली है। इतने कम रुपये में फर्नीचर का इंतजाम नहीं हो सकता। बिजली के बोर्ड व पंखे आदि ठीक कराए गए हैं। कुछ मार्कर वाले बोर्ड मंगवाए हैं। भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला शुरू है। जीव विज्ञान व रसायन विज्ञान के शिक्षक नहीं है तो यह प्रयोगशाला संचालित नहीं है।
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इस वर्ष कॉलेज में होंगी प्रायोगिक परीक्षाएं
रनियां। राजकीय इंटर कॉलेज में बीते साल प्रयोगशाला संचालित नहीं थी। इसकी वजह से भौतिक विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा देने विद्यार्थियों को गजनेर जाना पड़ा था। रसायन विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा बाघपुर स्थित एक इंटर कॉलेज में हुई थी। बीते साल गजनेर में प्रायोगिक परीक्षा देने जाते समय मार्ग दुर्घटना में दो छात्राओं की मौत हो गई थी। इसके चलते इस साल विद्यालय में प्रयोगशाला संचालन की कवायद हो रही है। (संवाद)
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फोटो-5- बेहमई राजकीय स्कूल की जर्जर इमारत। संवाद
बेहमई राजकीय विद्यालय में नौ में पांच कमरे जर्जर
राजपुर। बीहड़ पट्टी के बेहमई गांव स्थित राजकीय विद्यालय में केवल 15 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। स्वीकृत सात पदों में तीन शिक्षक तैनात हैं। हिंदी, अंग्रेजी, कला व गृह विज्ञान के शिक्षक नहीं है। विद्यालय भवन वर्ष 2012 का है। कुल नौ कमरों में पांच कमरे जर्जर हैं। मौजूदा समय में दो कमरों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। दो साल से बिजली नहीं है। इससे कंप्यूटर व अन्य उपकरण शोपीस बने हुए हैं। सबमर्सिबल नहीं चलने से पेयजल का इंतजाम भी नहीं है। बच्चे व शिक्षक घर से पेयजल लेकर आते हैं। परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं है। प्रधानाचार्य अंशुल पांडेय ने बताया कि जर्जर कक्षों को ध्वस्त कराया जाना है।
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65 शिक्षकों व 45 प्रवक्ताओं की कमी, 11 बिना प्रधानाचार्यों के संचालित
कानपुर देहात। राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी समस्या बनी हुई है। 11 कॉलेज ऐसे हैं, जहां प्रधानाचार्य ही नहीं है। वहीं, शिक्षकों के 65 व प्रवक्ताओं के 45 पदों पर नियुक्ति नहीं है। कई स्कूलों में पांच से छह शिक्षकों पर नौ से 10 विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी है जबकि सितंबर में परीक्षाएं होनी हैं।जिले में कुल 20 राजकीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 14 राजकीय हाईस्कूल व 6 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों की तैनाती के लिए निर्देश जारी किए गए थे। इसके अनुसार प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित आठ शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी थी लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में कई स्कूल पांच या छह शिक्षकों के भरोसे संचालित हैं। इसे लेकर विशेष रूप से गणित वर्ग के छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक बृज भूषण चौधरी ने बताया कि पूर्व की अपेक्षा सहायक अध्यापकों की संख्या बढ़ी है। शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए निदेशालय से पत्राचार किया गया है।

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स्कूल और शिक्षकों की स्थिति -
राजकीय हाई स्कूल - 14
राजकीय इंटर कॉलेज - 06
प्रधानाचार्य के कुल स्वीकृत पद- 20 - कार्यरत- 9 - रिक्त-11
प्रवक्ता के कुल स्वीकृत पद - 57 - कार्यरत - 12 - रिक्त 45
सहायक अध्यापक स्वीकृत- 149 - कार्यरत 84 - रिक्त 65
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बयान....
पिछले वर्ष शासन से जनपद के राजकीय स्कूलों में फर्नीचर आदि की व्यवस्था के लिए 3.5 लाख रुपये का बजट मिला था। जिससे कई विद्यालयों में व्यवस्था दुरुस्त कराई थी। रनियां के राजकीय कॉलेज में कुछ कक्षाओं में अभी फर्नीचर की व्यवस्था करना बाकी है जिसके लिए शासन से पत्राचार किया गया है। वहींं, बेहमई में संचालित राजकीय विद्यालय के आस-पास कटान वाला क्षेत्र होने की वजह से विद्यालय की जमीन धंसी थी, इससे दरार आई है। इसका भौतिक निरीक्षण कर प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पुन: निर्माण कराए जाने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। - ब्रजभूषण चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक
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