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मेरी उलझन: बच्चों व अभिभावकों ने बताईं दिक्कतें, विशेषज्ञों बोले- जो पढ़ा, परीक्षा में वही तो आएगा, तनाव न लें
Sun, 23 Feb 2025 09:52 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 Feb 2025 09:52 PM IST
सार
अमर उजाला के कार्यक्रम मेरी उलझन में बच्चों और अभिभावकों ने दिक्कतें बताईं। विशेषज्ञों ने समस्याओं का समाधान बताया।
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समाधान बताते विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
परीक्षा आ गई है, स्कूली बच्चे एग्जामिनेशन फीवर से परेशान हैं। अभिभावकों को भी तनाव हो रहा है। साथ ही मोबाइल की लत से अब लोगों में घबराहट हो रही है। यह लत सेहत और समय दोनों खराब कर रही है। सोशल मीडिया में व्यस्त रहने की वजह से लोग अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। ये बातें रविवार को अमर उजाला के कार्यक्रम मेरी उलझन के दौरान आए फोन कॉल से सामने आईं। लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आयुषी देवेंद्र सिंह और पीपीएन पीजी कॉलेज के मनोरोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनु चौहान ने समस्याओं का समाधान बताया। कुछ प्रमुख सवालों को हम अपने पाठकों के साथ साझा कर रहे हैं।
कल से परीक्षा है, बहुत उलझन, घबराहट हो रही है, क्या करें? - लक्षिका कुमारी, विजयनगर
पढ़ाई की है तो डरने की जरूरत नहीं है। थोड़ा डर लगने का मतलब है कि आपने पढ़ाई को सीरियसली लिया है। इतना न डरें कि सब भूल जाएं। जिस विषय का पेपर है, उस पर फोकस करें। डर के ख्याल को हटाएं और ध्यान अपने पसंदीदा काम की तरफ ले जाएं। फिर पढ़ें। फ्री माइंड होकर परीक्षा देने जाएं।
सोशल मीडिया की लत लगी है, सारा समय इसी में खराब होता है, कैसे बचें? - मनीष कुमार, गोविंदनगर
सोशल मीडिया की छोटी समयावधि निश्चित कर लें। धीमे-धीमे कम करते जाएं। सोशल मीडिया छोड़ने के बाद जो खालीपन महसूस हो, उसमें किताबें पढ़ें। अपने पसंदीदा दोस्तों के साथ लूडो, कैरम आदि खेल खेलें। अच्छी बात यह है कि आपने स्वयं नुकसान को समझ लिया है। इससे आधी लड़ाई आपने जीत ली है। सोशल मीडिया छोड़ने से जो समय बचे, उसका सदुपयोग करें।
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कल से परीक्षा है, बहुत उलझन, घबराहट हो रही है, क्या करें? - लक्षिका कुमारी, विजयनगर
पढ़ाई की है तो डरने की जरूरत नहीं है। थोड़ा डर लगने का मतलब है कि आपने पढ़ाई को सीरियसली लिया है। इतना न डरें कि सब भूल जाएं। जिस विषय का पेपर है, उस पर फोकस करें। डर के ख्याल को हटाएं और ध्यान अपने पसंदीदा काम की तरफ ले जाएं। फिर पढ़ें। फ्री माइंड होकर परीक्षा देने जाएं।
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सोशल मीडिया की लत लगी है, सारा समय इसी में खराब होता है, कैसे बचें? - मनीष कुमार, गोविंदनगर
सोशल मीडिया की छोटी समयावधि निश्चित कर लें। धीमे-धीमे कम करते जाएं। सोशल मीडिया छोड़ने के बाद जो खालीपन महसूस हो, उसमें किताबें पढ़ें। अपने पसंदीदा दोस्तों के साथ लूडो, कैरम आदि खेल खेलें। अच्छी बात यह है कि आपने स्वयं नुकसान को समझ लिया है। इससे आधी लड़ाई आपने जीत ली है। सोशल मीडिया छोड़ने से जो समय बचे, उसका सदुपयोग करें।
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छोटे भाई को ऑनलाइन गेमिंग की लत है, रोकने पर उग्र हो जाता है, क्या करें? -ललित, गुमटी नंबर पांच
गेमिंग एडिक्शन छुड़ाने के लिए दवा का प्रयोग और काउंसलिंग की जाती है। शुरू में दवा की जरूरत होती है। इससे गेम छोड़ने पर होने वाली उलझन को खत्म करने में मदद मिलती है। वह दोबारा वही हरकत न करने लगे, इसके लिए काउंसलिंग की जाती है। अपने भाई को आप हैलट के मनोरोग विभाग की ओपीडी में आकर दिखाएं।
बेटे का बोर्ड का पेपर है और तनाव मुझे हो रहा है, कैसे बचें? -संजय तिवारी, ग्वालटोली
पेपर तो बेटे का है, आप बेवजह तनाव न लें। आपके तनाव में रहने से बच्चा और तनाव में आ जाएगा। बच्चे की उलझन, घबराहट को कम करें। बच्चे से कहें, खूब खुश रहकर पढ़ाई में मेहनत करे। नंबर कम और ज्यादा आने की उलझन उस पर मत डालें। आप अगले चार साल प्लान अभी से बच्चे पर न थोपें। उसकी पढ़ाई में सहयोग करें।
गेमिंग एडिक्शन छुड़ाने के लिए दवा का प्रयोग और काउंसलिंग की जाती है। शुरू में दवा की जरूरत होती है। इससे गेम छोड़ने पर होने वाली उलझन को खत्म करने में मदद मिलती है। वह दोबारा वही हरकत न करने लगे, इसके लिए काउंसलिंग की जाती है। अपने भाई को आप हैलट के मनोरोग विभाग की ओपीडी में आकर दिखाएं।
बेटे का बोर्ड का पेपर है और तनाव मुझे हो रहा है, कैसे बचें? -संजय तिवारी, ग्वालटोली
पेपर तो बेटे का है, आप बेवजह तनाव न लें। आपके तनाव में रहने से बच्चा और तनाव में आ जाएगा। बच्चे की उलझन, घबराहट को कम करें। बच्चे से कहें, खूब खुश रहकर पढ़ाई में मेहनत करे। नंबर कम और ज्यादा आने की उलझन उस पर मत डालें। आप अगले चार साल प्लान अभी से बच्चे पर न थोपें। उसकी पढ़ाई में सहयोग करें।
घरेलू मामलों, बच्चों की पढ़ाई को लेकर टेंशन में रहता हूं, क्या करूं? -मुस्तफा तारिक, चमनगंज
आपको कोई चिंता परेशान कर रही है। इसके लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलर के पास जाएं। साथ ही अपना फुल बॉडी चेकअप भी करा लें। हाइपरटेंशन, थायरॉइड आदि की जांच कराएं। कोई दिक्कत निकलती है तो इलाज से ठीक हो जाएगी। इसके लिए परेशान न हों।
बच्चे को मोबाइल फोन की लत और मादक पदार्थों से कैसे बचाएं? -उदयभान सिंह, शास्त्रीनगर
पहले बच्चे को मोबाइल फोन के नफा-नुकसान के बारे में समझाएं। इसके बाद स्क्रीन देखने की समय सीमा तय कर दें। बच्चे को जिम्मेदाराना तरीके से फोन का इस्तेमाल करना सिखाएं। यह भी ध्यान देना है कि बच्चा फोन पर क्या देख रहा है? पांच मिनट रील देखना बुरा नहीं, अगर तीन घंंटा लगातार देखता है तो बुरा है? डांटें नहीं समझाकर कोई बात बताएं।
यह ध्यान रखें
- सुबह उठकर 30 मिनट व्यायाम करें
- चाय और कॉफी का सेवन कम से कम करें
- बच्चे को डांटकर नहीं, कारण बताकर कोई चीज छोड़ने को कहें
- पौष्टिक आहार लें जिससे शरीर में विटामिन, मिनरल की कमी पूरी हो। पूरी नींद लें, दिनचर्या अनियमित न रखें
- कोई भी समस्या मन में न रखें, उसे घर वालों से शेयर करें
- परेशानी है तो उस तरफ से पहले ध्यान हटाएं, फिर ठंडे दिमाग से समाधान सोचें
कई दिनों से मेरा सरकारी काम अटका हुआ है। अफसर टरकाते हैं। इससे तनाव बढ़ता जा रहा है। क्या करूं। -प्रदीप, जूही
तंबाकू का सेवन कम करें। जीवनशैली में बदलाव करें। 30 मिनट का व्यायाम जरूरी है। फिजिकली एक्टिविटी जरूर करें, इससे हैप्पी हार्माेन रिलीज होंगे। जो आपके मन को खुश रखेंगे। नींद पूरी लें और चाय का सेवन रात में कम करें। कोशिश करें कि पांच बजे के बाद चाय या काफी न पीएं। इसके बाद भी तनाव न दूर हो तो हैलट में नौ से दो के बीच आकर परामर्श लें।
आपको कोई चिंता परेशान कर रही है। इसके लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलर के पास जाएं। साथ ही अपना फुल बॉडी चेकअप भी करा लें। हाइपरटेंशन, थायरॉइड आदि की जांच कराएं। कोई दिक्कत निकलती है तो इलाज से ठीक हो जाएगी। इसके लिए परेशान न हों।
बच्चे को मोबाइल फोन की लत और मादक पदार्थों से कैसे बचाएं? -उदयभान सिंह, शास्त्रीनगर
पहले बच्चे को मोबाइल फोन के नफा-नुकसान के बारे में समझाएं। इसके बाद स्क्रीन देखने की समय सीमा तय कर दें। बच्चे को जिम्मेदाराना तरीके से फोन का इस्तेमाल करना सिखाएं। यह भी ध्यान देना है कि बच्चा फोन पर क्या देख रहा है? पांच मिनट रील देखना बुरा नहीं, अगर तीन घंंटा लगातार देखता है तो बुरा है? डांटें नहीं समझाकर कोई बात बताएं।
यह ध्यान रखें
- सुबह उठकर 30 मिनट व्यायाम करें
- चाय और कॉफी का सेवन कम से कम करें
- बच्चे को डांटकर नहीं, कारण बताकर कोई चीज छोड़ने को कहें
- पौष्टिक आहार लें जिससे शरीर में विटामिन, मिनरल की कमी पूरी हो। पूरी नींद लें, दिनचर्या अनियमित न रखें
- कोई भी समस्या मन में न रखें, उसे घर वालों से शेयर करें
- परेशानी है तो उस तरफ से पहले ध्यान हटाएं, फिर ठंडे दिमाग से समाधान सोचें
कई दिनों से मेरा सरकारी काम अटका हुआ है। अफसर टरकाते हैं। इससे तनाव बढ़ता जा रहा है। क्या करूं। -प्रदीप, जूही
तंबाकू का सेवन कम करें। जीवनशैली में बदलाव करें। 30 मिनट का व्यायाम जरूरी है। फिजिकली एक्टिविटी जरूर करें, इससे हैप्पी हार्माेन रिलीज होंगे। जो आपके मन को खुश रखेंगे। नींद पूरी लें और चाय का सेवन रात में कम करें। कोशिश करें कि पांच बजे के बाद चाय या काफी न पीएं। इसके बाद भी तनाव न दूर हो तो हैलट में नौ से दो के बीच आकर परामर्श लें।