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चॉकलेट की चोरी में पांच महीने से जेल में बंद है बच्चा, मित्र पुलिस गिरफ्तार करने के बाद भूली
Sun, 30 Jun 2019 06:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 30 Jun 2019 06:56 PM IST
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यूपी पुलिस
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कानपुर में चॉकलेट चोरी में पांच माह से एक 12 साल का बच्चा राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद है। इस बच्चे की रिहाई के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड में अर्जी दी है। कहा है कि बालहित में बच्चे की रिहाई कर दी जाए। किशोर न्याय बोर्ड ने बकरा और मोबाइल चोरी में दो किशोर को सात माह बाद रिहा कर दिया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि एक बच्चा चोरी और माल बरामदगी में बंद है। उसने संप्रेक्षण गृह अधीक्षक को बताया था कि उसे चॉकलेट चोरी में पकड़ा गया था। पुलिस की चार्ज शीट किशोर न्याय बोर्ड में जाती है। गृह में आने वाले कागजातों में अभियुक्त और अपराध की धाराएं ही लिखी होती हैं।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि एक बच्चा चोरी और माल बरामदगी में बंद है। उसने संप्रेक्षण गृह अधीक्षक को बताया था कि उसे चॉकलेट चोरी में पकड़ा गया था। पुलिस की चार्ज शीट किशोर न्याय बोर्ड में जाती है। गृह में आने वाले कागजातों में अभियुक्त और अपराध की धाराएं ही लिखी होती हैं।
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चॉकलेट चोरी के आरोपी समेत छोटी-मोटी धाराओं में बंद नौ किशोरों की रिहाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड में अर्जी दी गई थी। बोर्ड ने दो किशोर को राहत दे दी है। इनमें एक 15 साल का किशोर महाराजपुर थाने से बकरा चोरी में बंद था। दूसरे 16 साल का किशोर नवाबगंज थाने से मोबाइल चोरी में बंद था।
बोर्ड ने दोनों बच्चों को राजकीय संप्रेक्षण गृह में बिताई गई अवधि की सजा देकर रिहा करने का आदेश दिया। चॉकलेट चोरी में बंद बच्चे को भी जल्द रिहाई मिल सकती है। राजकीय संप्रेक्षण गृह बौद्ध नगर नौबस्ता में इस समय 64 किशोर बंद हैं। इनमें 51 किशोर जिले के और बाकी कानपुर देहात के हैं। एक किशोर की उम्र 18 साल पूरी होने पर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया है।
बोर्ड ने दोनों बच्चों को राजकीय संप्रेक्षण गृह में बिताई गई अवधि की सजा देकर रिहा करने का आदेश दिया। चॉकलेट चोरी में बंद बच्चे को भी जल्द रिहाई मिल सकती है। राजकीय संप्रेक्षण गृह बौद्ध नगर नौबस्ता में इस समय 64 किशोर बंद हैं। इनमें 51 किशोर जिले के और बाकी कानपुर देहात के हैं। एक किशोर की उम्र 18 साल पूरी होने पर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया है।