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कानपुर: मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी एमराल्ड गार्डन की जानकारी, लगते रहे कयास

Thu, 05 Mar 2020 03:15 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 05 Mar 2020 03:15 PM IST
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Chief Minister's office asked for information on Emerald Garden
एमराल्ड गार्डन - फोटो : गूगल
कानपुर में शासन ने केडीए से लक्ष्मण बाग में बने बहुमंजिला प्रोजेक्ट एमराल्ड गार्डन की जानकारी मांगी है। मिश्रिख लोकसभा सीट से भाजपा सांसद अशोक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर एमराल्ड गार्डन से जुड़े 17 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
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आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 के अनु सचिव मनीष चंद्र श्रीवास्तव ने दो मार्च को केडीए वीसी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी को पत्र लिखकर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को शासन का पत्र मिलने के बाद केडीए वीसी ने सचिव, अपर सचिव, नगर नियोजक व अधीक्षण अभियंता की टीम बनाकर मांगी गई जानकारी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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इन बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी
- क्या पांच हजार वर्गफीट या आठ अपार्टमेंट तक की निर्माण योजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण योजनाओं को रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- क्या एमराल्ड गार्डन रेरा में पंजीकृत है।
- क्या एमराल्ड गार्डन में रेरा के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन किया जा रहा है।
- क्या रेरा से एमराल्ड गार्डन और खरीदारों के बीच विवादों का निराकरण और समय पर प्रोजेक्ट पूरे होने की निगरानी की जा रही है।
- प्रोजेक्ट को कुल कितने आवासों के निर्माण व टावर के लिए कितनी एकड़ जमीन का आवंटन किस तारीख और किस दर पर किया गया है।
- क्या एमराल्ड गार्डन के सभी खरीदारों को प्रोजेक्ट का ले-आउट प्लान, स्वीकृति, ठेकेदार व प्रोजेक्ट की मियाद आदि का विवरण दिया गया है।
- क्या आवासों के टावर का निर्माण तय सीमा के अंदर किया जा रहा है।
- वर्तमान तारीख तक कुल कितने आवास व टावरों का निर्माण कर ग्राहकों को सौंप दिया गया है और क्या यह समय के अनुरूप है।
- क्या तय समय में निर्माण पूरा न करने पर उपभोक्ता को ब्याज के भुगतान का प्रावधान किया गया है।
- वर्तमान में कितने आवासों व टावरों का निर्माण कार्य चल रहा है और क्या यह समय के अनुरूप है।
- क्या एमराल्ड गार्डन में लगाई गई सामग्री मानकों के अनुरूप है।
- क्या आवासीय प्रोजेक्ट में ड्रेनेज, पर्यावरणीय आदि सभी सुविधाएं मिल रही हैं।
- यहां आवास लेने वाले उपभोक्ताओं से आवासवार, टावरवार उपभोक्तावार किन-किन तारीखों में कितनी धनराशि प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर अब तक मिली है।
- क्या उपभोक्ताओं/ग्राहकों से ली गई धनराशि का 70 फीसदी अंश अलग बैंक खाते में रखा गया है और इसका इस्तेमाल निर्माण कार्य में किया जा रहा है।
- वर्तमान तारीख तक गार्डन के ग्राहकों से कितनी शिकायतें, किस प्रकृति की और किन-किन तारीखों में मिली हैं।
- इन शिकायतों का निस्तारण कब और किस आधार पर किया गया है।
- वर्तमान समय तक इसकी शिकायतों का विवरण और इनके निस्तारण में हो रही देरी के कारण क्या हैं?

लगते रहे कयास
सांसद ने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी क्यों मांगी है, इस पर बुधवार को केडीए अधिकारियों के बीच कयास लगाए जाते रहे। हालांकि इस बारे में कोई कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं दिखा। अधिकारियों के मुताबिक जिस तरह से रेरा के नियमों के पालन से जुड़े सवाल हैं, उससे लग रहा है कि प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने वालों की शिकायत पर शायद सांसद ने यह जानकारियां मांगी हैं।
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