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Kanpur News: खानपान शिकायतों पर ट्रेनों में चेकिंग शुरू
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कानपुर। रेलवे ने ट्रेनों में खानपान की लगातार बढ़ रही शिकायतों पर लगाम लगाने का प्रयास किया है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर ट्रेनों में आकस्मिक चेकिंग शुरू की गई है। रेलवे के ए क्लास के अधिकारी 13 फरवरी तक ट्रेनों में सफर कर अपनी रिपोर्ट मंडल या जोन अफसरों को देंगे।
रेल मंडल व जोन में दो महीने में 40 फीसदी ऑनलाइन शिकायतों में इजाफा हुआ है। शिकायतों की सत्यता परखने के लिए गोपनीय चेकिंग की तैयारी की गई जिसके लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गईं है। इसके निर्देश उत्तर-मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) ने 28 जनवरी को जारी किए थे। इसमें कहा गया है कि नामित किए गए अधिकारी ट्रेनों में सफर कर यात्रियों से फीडबैक लेंगे। ऑनलाइन शिकायतों में करीब 40 प्रतिशन खानपान की गुणवत्ता या बासी भोजन और टॉयलेट से कोच तक की गंदगी की होती हैं। चेकिंग में इन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
फस्ट, सेकेंड, थर्ड एसी व इकोनाॉमिक कोच, ट्रेन में कितना स्टाफ था और कितने मिले, शिकायत पुस्तिका का ब्योरा, हाउस कीपिंग स्टाफ मौजूद था का नहीं, शौचालय से कोच तक की सफाई व्यवस्था, सफाई व खानपान की ग्रेडिग, एक्सीलेंट, वेरी गुड, गुड, एवरेज, पुअर, सुरक्षा से लेकर अवैध वेंडर की अलग से रिपोर्ट जैसे बिंदुओं पर ट्रेनों में चलने वाला गोपनीय स्टॉफ चेकिंग कर रिपोर्ट देगा।
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ट्रेनों में यात्री दिक्कतों और सुविधाओं के आकलन के लिए सभी मंडल और प्रमुख स्टेशनों के ए ग्रेड के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये यात्रियों से फीड बैक और दिक्कतों को रेलवे की ओर से बनाए गए प्रोफार्मा पर अंकित कर अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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रेल मंडल व जोन में दो महीने में 40 फीसदी ऑनलाइन शिकायतों में इजाफा हुआ है। शिकायतों की सत्यता परखने के लिए गोपनीय चेकिंग की तैयारी की गई जिसके लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गईं है। इसके निर्देश उत्तर-मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) ने 28 जनवरी को जारी किए थे। इसमें कहा गया है कि नामित किए गए अधिकारी ट्रेनों में सफर कर यात्रियों से फीडबैक लेंगे। ऑनलाइन शिकायतों में करीब 40 प्रतिशन खानपान की गुणवत्ता या बासी भोजन और टॉयलेट से कोच तक की गंदगी की होती हैं। चेकिंग में इन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
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फस्ट, सेकेंड, थर्ड एसी व इकोनाॉमिक कोच, ट्रेन में कितना स्टाफ था और कितने मिले, शिकायत पुस्तिका का ब्योरा, हाउस कीपिंग स्टाफ मौजूद था का नहीं, शौचालय से कोच तक की सफाई व्यवस्था, सफाई व खानपान की ग्रेडिग, एक्सीलेंट, वेरी गुड, गुड, एवरेज, पुअर, सुरक्षा से लेकर अवैध वेंडर की अलग से रिपोर्ट जैसे बिंदुओं पर ट्रेनों में चलने वाला गोपनीय स्टॉफ चेकिंग कर रिपोर्ट देगा।
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ट्रेनों में यात्री दिक्कतों और सुविधाओं के आकलन के लिए सभी मंडल और प्रमुख स्टेशनों के ए ग्रेड के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये यात्रियों से फीड बैक और दिक्कतों को रेलवे की ओर से बनाए गए प्रोफार्मा पर अंकित कर अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।