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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Change of religion case: Investigating agencies searched data of last eight months of all three religious gurus

धर्म परिवर्तन का मामला: जांच एजेंसियों ने तीनों धर्म गुरुओं का बीते आठ माह का डाटा खंगाला, चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 27 Jun 2021 03:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 27 Jun 2021 03:18 PM IST
सार

सुरक्षा एजेंसियां इन धर्म गुरुओं की कॉल डिटेल रिपोर्ट, सोशल मीडिया एक्टिविटी के माध्यम से यह पता करने का प्रयास कर रही हैं कि धर्म गुरुओं की धार्मंतरण के संबंध में किससे बात होती थी।

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Change of religion case: Investigating agencies searched data of last eight months of all three religious gurus
आदित्य गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धर्मांतरण मामले में तीन धर्म गुरुओं की भूमिका संदिग्ध पाई है। एसीएस अब तीनों धर्म गुरुओं की कुंडली खंगाल कर धर्मांतरण के रहस्यों से पर्दा उठाने में जुटी हुई है। एटीएस की जांच पड़ताल में पता चला कि तीनों 2019 में एनआरसी व सीएए विरोधी दंगों को भड़काने में भी शामिल रहे थे।
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इनमें से एक धर्म गुरू जेल भेजे जा चुके मोह मद उमर गौतम के संपर्क में भी रहा था। मोह मद उमर इस धर्म गुरू को कई बार अपने साथ हलीम मुस्लिम कॉलेज लेकर गया था, जहां मूक बधिर छात्रों का ब्रेनवॉश किया जाता था। धर्मांतरण मामले में तीनों धर्म गुरुओं की भूमिका पता लगने के लिए एटीएम उनके बीते आठ माह का डाटा खंगालने में जुटी है।
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सुरक्षा एजेंसियां इन धर्म गुरुओं की कॉल डिटेल रिपोर्ट, सोशल मीडिया एक्टिविटी के माध्यम से यह पता करने का प्रयास कर रही हैं कि धर्म गुरुओं की धार्मंतरण के संबंध में किससे बात होती थी। सोशल मीडिया पर उनकी तरफ से बीते आठ महीनों में की गई पोस्ट भी खंगाली जा रही है, जिससे उनकी भवानाओं का पता लग सकेगा। पूर्व में इन्हीं तीनों गुरुओं पर एनआरसी के विरोध में फंडिंग एकत्रित करने का भी आरोप लगा था।
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इन पर लोगों को एनआरसी व सीएए कानून के संबंध में लोगों में भ्रमक जानकारियां फैलाकर माहौल बिगाडऩे का भी आरोप लगा था। उस वक्त भी जांच एजेंसियों ने उनकी फंडिंग के स्त्रोत का पता लगाने का प्रयास किया था, लेकिन उन खातों में फर्जी आईडी लगी होने के कारण खाते खुलवाने वालों का नाम पता नहीं चल सका था। जांच में तीनों के संबंध पीएफआई से भी होने का दावा किया गया था।


आदित्य की मां लोगों को करेंगी जागरुक
धर्मांतरण के भंवर में फंसे आदित्य की मां लक्ष्मी ने अपने मामले से सबक लेते हुए अब लोगों को जागरुक करने की ठानी है। उन्होंने बताया कि जिन अभिभावकों के बच्चे मूख बधिर हैं, उनको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। लक्ष्मी के अनुसार वह जल्द ही सांकेतिक भाषा में कई जागरुकता वीडियो बना कर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगी। इन वीडियो की मदद से लोग अपने मूक बधिर बच्चों के व्यवहार में परिवर्तन होने पर समय पर चेत सकेंगे।
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