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UP: कांग्रेस में बदलाव…महानगर में पवन गुप्ता, ग्रामीण में संदीप शुक्ला बने जिलाध्यक्ष, जानिए क्या होगा समीकरण

Fri, 21 Mar 2025 11:46 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 21 Mar 2025 11:46 AM IST
सार

Kanpur News: अल्पसंख्यक वर्ग कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक भी माना जाता है, लेकिन इस बार पार्टी ने वैश्य पर दांव खेला। पार्टी ने तीनों जिलों में जिन चेहरों को उतारा है, वे सभी पुराने कार्यकर्ता और विभिन्न पदों को भी पूर्व में संभाल चुके हैं।

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Change in Congress Pawan Gupta became district president in metropolitan Sandeep Shukla in rural
पवन गुप्ता, संदीप शुक्ला और अंबरीश सिंह गौर - फोटो : amar ujala

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष बदलने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी गुरुवार को प्रदेश भर में जिला इकाइयों में नए अध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। कानपुर महानगर में काफी समय से दो जिला इकाइयां उत्तर और दक्षिण बनाने की कवायद चल रही थी, लेकिन पार्टी पूरे महानगर को एक जिला घोषित कर दिया। इसका अध्यक्ष व्यापारी नेता पवन गुप्ता को बनाया है। इसी तरह ग्रामीण इकाई में फिर से ब्राह्मण को तरजीह देते हुए संदीप शुक्ला को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

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साथ ही, कानपुर देहात में अंबरीश सिंह गौर को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह से पार्टी ने तीनों जिला इकाइयों पर नए चेहरे उतारे हैं। अभी तक महानगर में उत्तर जिलाध्यक्ष की सीट अल्पसंख्यक समुदाय के खाते में डाल रखी थी। दक्षिण जिलाध्यक्ष की सीट काफी समय ये खाली पड़ी थी। महानगर को फिर से एक इकाई बनाने की दिशा में पार्टी में चर्चाएं शुरू हो गई थीं, यही वजह रही कि लोकसभा चुनाव के समय भी पार्टी ने यहां पर कोई अध्यक्ष नहीं बनाया।

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पुराने कार्यकर्ता है तीनों चेहरे
सारा काम उत्तर इकाई के जरिये या फिर प्रत्याशी ने अपने जरिये किया। अल्पसंख्यक वर्ग कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक भी माना जाता है, लेकिन इस बार पार्टी ने वैश्य पर दांव खेला। पार्टी ने तीनों जिलों में जिन चेहरों को उतारा है, वे सभी पुराने कार्यकर्ता और विभिन्न पदों को भी पूर्व में संभाल चुके हैं। इसमें सबसे वरिष्ठ नाम पवन गुप्ता का है, जो पार्टी के प्रदेश व्यापार इकाई के पदाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

पवन गुप्ता, जिलाध्यक्ष महानगर इकाई

  • उल्लेखनीय...स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से हैं। 2007 में आर्यनगर से विधानसभा का चुनाव और 2012 में मेयर का चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ चुके हैं। 2008 से 2011 तक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में चेयरमैन रहे। वर्तमान में उतर प्रदेश कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के चेयरमैन हैं।
  • राजनीतिक समीकरण...लंबे समय बाद पार्टी ने महानगर में वैश्य बिरादरी को जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी है। केंद्र और प्रदेश इकाई के प्रमुख नेताओं से पकड़ की वजह से इस बार बड़ी जिम्मेदारी वाला पद मिला।
  • चुनौती...महानगर इकाई में पांच विधानसभा सीटें आती हैं। 2017 के चुनाव में कैंट सीट से कांग्रेस को जीत मिली थी, उसके बाद और उससे पहले कांग्रेस फ्रंट पर नहीं आ पाई है। 2027 में यह कितना संभव होगा, यह देखने वाली बात होगी।
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संदीप शुक्ला, जिलाध्यक्ष ग्रामीण इकाई

  • उल्लेखनीय...कानपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे स्व. अंबिका प्रसाद शुक्ला के पुत्र, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से जुड़ने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री की कमेटी में जिला महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पिछले तीन बार से पार्टी की प्रदेश इकाई के सदस्य नामित होते आ रहे हैं। पहली बार जिला स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
  • राजनीतिक समीकरण...पेशे से अधिवक्ता संदीप को प्रदेश इकाई के एक धड़े का विशेष लाभ मिला, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से सक्रियता ने भी इनका ग्राफ ऊपर बनाए रखा।
  • चुनौती...ग्रामीण क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें लंबे समय से कांग्रेस खाता नहीं खोल पाई है।

अंबरीश सिंह गौर, जिलाध्यक्ष कानपुर देहात

  •  उल्लेखनीय...छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय। यूथ कांग्रेस में पदाधिकारी रहे। प्रदेश सचिव की भूमिका निभाई। 2022 में रनिया विधानसभा सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा।
  • राजनीतिक समीकरण...प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी की गुड बुक में रहे हैं। देहात क्षेत्र में ठाकुर बिरादरी की राजनीति को ऊपर लाने और वहां के बिरादरी वाले वोट बैंक को पार्टी के लिए जुटाने में पूर्व में किए गए काम को देखते हुए जिम्मेदारी दी गई है।
  • चुनौती...देहात की लोकसभा और विधानसभा सीटों पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर भी लंबे समय से नहीं आ पाई है। ऐसे में 2027 में पार्टी को मुख्य धारा में लाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
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