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कानपुर: संसार चंद और उनकी पत्नी को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक
Mon, 27 Sep 2021 11:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:46 PM IST
सार
संसार चंद ने याचिका दायर कर सीबीआई पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कानपुर में वर्ष 2018 में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में तैनाती के दौरान सीबीआई ने संसार चंद को कारोबारी से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रिश्वतखोरी के आरोप में बर्खास्त हो चुके सेंट्रल जीएसटी के पूर्व कमिश्नर संसार चंद और उनकी पत्नी अविनाश कौर को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में छह सप्ताह के लिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
संसार चंद ने याचिका दायर कर सीबीआई पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कानपुर में वर्ष 2018 में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में तैनाती के दौरान सीबीआई ने संसार चंद को कारोबारी से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था।
23 मार्च 2021 को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में उन पर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति गैर कानूनी तरीके से बनाने का आरोप लगा है। सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर खत्म करने के लिए पूर्व कमिश्नर संसार चंद और उनकी पत्नी अविनाश कौर ने याचिका दाखिल की थी।
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जांच एजेंसी ने ये एफआईआर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज की थी। चूंकि मामला अभी सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ में लंबित है। इसलिए याचिका में कहा गया कि अदालत सीबीआई को उन्हें गिरफ्तार न करने काआदेश दे। इस पर 13 सितंबर 2021 को संसार चंद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रांजल कृष्ण और शुभांगी अग्रवाल ने पक्ष रखा।
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संसार चंद ने याचिका दायर कर सीबीआई पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कानपुर में वर्ष 2018 में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में तैनाती के दौरान सीबीआई ने संसार चंद को कारोबारी से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था।
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23 मार्च 2021 को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में उन पर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति गैर कानूनी तरीके से बनाने का आरोप लगा है। सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर खत्म करने के लिए पूर्व कमिश्नर संसार चंद और उनकी पत्नी अविनाश कौर ने याचिका दाखिल की थी।
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जांच एजेंसी ने ये एफआईआर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज की थी। चूंकि मामला अभी सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ में लंबित है। इसलिए याचिका में कहा गया कि अदालत सीबीआई को उन्हें गिरफ्तार न करने काआदेश दे। इस पर 13 सितंबर 2021 को संसार चंद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रांजल कृष्ण और शुभांगी अग्रवाल ने पक्ष रखा।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शिव पी. शुक्ला ने बहस की। संसार चंद की ओर से वकीलों ने अदालत को बताया कि वह सीजीएसटी कमिश्नर के रूप में कानपुर में तैनात थे। उनके खिलाफ वर्ष 2018 में ही भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जा चुका है।
इस मामले में गिरफ्तारी भी हो चुकी है। 11 अक्तूबर 2018 को जमानत भी मिल चुकी है। सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दोबारा एफआईआर दर्ज का आधार उनकी पत्नी की ओर से 12 वर्ष पहले चुनाव लड़ने के लिए दाखिल शपथ पत्र को बनाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुन: रिपोर्ट दर्ज करने के पीछे सीबीआई की मंशा उत्पीड़न की है। इसलिए मार्च में दर्ज एफआईआर को खारिज किया जाए। इस पर अगली सुनवाई तक अदालत ने संसार चंद और उनकी पत्नी अविनाश कौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
इस मामले में गिरफ्तारी भी हो चुकी है। 11 अक्तूबर 2018 को जमानत भी मिल चुकी है। सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दोबारा एफआईआर दर्ज का आधार उनकी पत्नी की ओर से 12 वर्ष पहले चुनाव लड़ने के लिए दाखिल शपथ पत्र को बनाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुन: रिपोर्ट दर्ज करने के पीछे सीबीआई की मंशा उत्पीड़न की है। इसलिए मार्च में दर्ज एफआईआर को खारिज किया जाए। इस पर अगली सुनवाई तक अदालत ने संसार चंद और उनकी पत्नी अविनाश कौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।