{"_id":"5ff1bb028ebc3e40ca672bc5","slug":"champat-rai-gave-this-statement-regarding-ram-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस महीने शुरू हो जाएगा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण: चंपत राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस महीने शुरू हो जाएगा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण: चंपत राय
Sun, 03 Jan 2021 06:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 03 Jan 2021 06:11 PM IST
विज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत करते चंपत राय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य इस महीने के आखिरी तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
वे रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर शताब्दियों तक स्थिर रहे, इसके लिए मंदिर के लिए बनाई जाने वाली नींव का अध्ययन इसरो सहित देश की कई महत्वपूर्ण तकनीकी संस्थाएं कर रही हैं।
चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञ मंदिर निर्माण में प्रयोग होने वाली सीमेंट और कंक्रीट की उम्र बढ़ाने को लेकर शोध कर रहे हैं। आम तौर पर सीमेंट और कंक्रीट की उम्र 150 वर्ष आंकी गई है। मंदिर की नींव के 70 मीटर नीचे तक का अध्ययन किया जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि जिस दिन से मंदिर निर्माण शुरू होगा, उसके 36 से 39 महीने के अंदर मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। यह पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित मंदिर होगा। नींव के ऊपर से लेकर पूरे मंदिर में करीब चार लाख घन मीटर पत्थर का इस्तेमाल होगा।
यह मंदिर राष्ट्रीय धरोहर होगा। इसी उद्देश्य को लेकर इसके हर हिस्से का निर्माण बहुत सोच विचार और शोध के साथ किया जाएगा। जिन संस्थाओं के विशेषज्ञ मंदिर निर्माण के शोध में लगे हैं, उसमें आईआईटी चेन्नई, बांबे, गुवाहाटी, दिल्ली, एनजीआरआई हैदराबाद, एनआईटी सूरत, टाटा और लार्सन ट्रूबो के विशेषज्ञ शामिल हैं।
विज्ञापन
वे रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर शताब्दियों तक स्थिर रहे, इसके लिए मंदिर के लिए बनाई जाने वाली नींव का अध्ययन इसरो सहित देश की कई महत्वपूर्ण तकनीकी संस्थाएं कर रही हैं।
विज्ञापन
चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञ मंदिर निर्माण में प्रयोग होने वाली सीमेंट और कंक्रीट की उम्र बढ़ाने को लेकर शोध कर रहे हैं। आम तौर पर सीमेंट और कंक्रीट की उम्र 150 वर्ष आंकी गई है। मंदिर की नींव के 70 मीटर नीचे तक का अध्ययन किया जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि जिस दिन से मंदिर निर्माण शुरू होगा, उसके 36 से 39 महीने के अंदर मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। यह पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित मंदिर होगा। नींव के ऊपर से लेकर पूरे मंदिर में करीब चार लाख घन मीटर पत्थर का इस्तेमाल होगा।
यह मंदिर राष्ट्रीय धरोहर होगा। इसी उद्देश्य को लेकर इसके हर हिस्से का निर्माण बहुत सोच विचार और शोध के साथ किया जाएगा। जिन संस्थाओं के विशेषज्ञ मंदिर निर्माण के शोध में लगे हैं, उसमें आईआईटी चेन्नई, बांबे, गुवाहाटी, दिल्ली, एनजीआरआई हैदराबाद, एनआईटी सूरत, टाटा और लार्सन ट्रूबो के विशेषज्ञ शामिल हैं।