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Kanpur News: सिंधी समाज का चालिहा पर्व 16 से, 40 दिन बंद रहेंगे अखंड ज्योति के पट
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कानपुर। सिंधी समाज का प्रमुख धार्मिक पर्व चालिहा 16 जुलाई से शुरू होगा। इस मौके पर रामबाग स्थित प्राचीन श्री झूलेलाल मंदिर के अखंड ज्योति के पट 40 दिनों तक भक्तों के दर्शन के लिए बंद कर दिए जाएंगे। पर्व का समापन 25 अगस्त को होगा। इस दिन पट दोबारा खोले जाएंगे और भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
शुक्रवार को श्री झूलेलाल अखंड ज्योति ट्रस्ट की बैठक मंदिर परिसर में अध्यक्ष अशोक माखीजा की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि चालिहा पर्व के दौरान प्रतिदिन समाज के लोग बहराणा साहब का पूजन करेंगे और रात्रि में मां गंगा में विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही 40 दिनों तक भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि चालिहा पर्व सिंधी समाज की आस्था और इतिहास से जुड़ा है। मान्यता है कि 11वीं शताब्दी में सिंध के लोगों ने अत्याचारों से परेशान होकर 40 दिनों तक नदी किनारे उपवास कर भगवान झूलेलाल की आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने अवतार लेकर अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी स्मृति में समाज हर वर्ष यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाता है। बैठक में धर्मपाल इसरानी, लक्ष्मण आडवानी, दिलीप वलेचा, ओमी, इंदर पमनानी, श्याम तलरेजा, नारायण दास समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। (संवाद)
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शुक्रवार को श्री झूलेलाल अखंड ज्योति ट्रस्ट की बैठक मंदिर परिसर में अध्यक्ष अशोक माखीजा की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि चालिहा पर्व के दौरान प्रतिदिन समाज के लोग बहराणा साहब का पूजन करेंगे और रात्रि में मां गंगा में विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही 40 दिनों तक भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि चालिहा पर्व सिंधी समाज की आस्था और इतिहास से जुड़ा है। मान्यता है कि 11वीं शताब्दी में सिंध के लोगों ने अत्याचारों से परेशान होकर 40 दिनों तक नदी किनारे उपवास कर भगवान झूलेलाल की आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने अवतार लेकर अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी स्मृति में समाज हर वर्ष यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाता है। बैठक में धर्मपाल इसरानी, लक्ष्मण आडवानी, दिलीप वलेचा, ओमी, इंदर पमनानी, श्याम तलरेजा, नारायण दास समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। (संवाद)
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