जेवरात चोरी होने का मामला: लॉकर इंचार्ज का साथी गया जेल, खाते हुए फ्रीज, आरोपियों को हो सकता है नार्को टेस्ट
कराचीखाना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकरों से चोरी के मामले में एसआईटी ने लॉकर इंचार्ज के खातों में पड़े सात लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। वहीं, एसआईटी आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने पर भी विचार कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सेंट्रल बैंक के लॉकरों से जेवरात पार करने के मामले में पुलिस ने लॉकर इंचार्ज के साथी आरोपी रमेश अब को शनिवार को जेल भेज दिया। आरोपियों के साथ उसकी मिलीभगत की पुष्टि हुई है। मोबाइल नंबर की सीडीआर समेत अन्य कई सुबूत पुलिस ने उसके खिलाफ जुटाए हैं। उधर एसआईटी ने लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय के पांच खातों में पड़े सात लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। अन्य आरोपियों के बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं।
सेंट्रल बैंक की कराची खाना शाखा में 11 लॉकरों से करीब चार करोड़ के जेवरात गायब हुए हैं। मामले में बैंक मैनेजर, लॉकर इंचार्ज समेत पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ कर करीब एक किलो के जेवरात बरामद किए। इस दौरान छठा आरोपी रमेश भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि शनिवार को पूछताछ के बाद रमेश को जेल भेज दिया गया। उधर लॉकर इंचार्ज के खातों से किन- किन खातों में ट्रांजेक्शन हुआ, इसका ब्योरा एसआईटी खंगाल रही है।
डीसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लिया जा सकता है। इसके लिए सोमवार या मंगलवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। क्योंकि अभी बरामदगी बहुत कम हुई है।
आरोपियों का कराया जा सकता है नार्को टेस्ट
एसआईटी के तमाम सवालों के जवाब आरोपियों ने नहीं दिए हैं। इसलिए जांच पूरी करने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में एसआईटी आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। नार्को टेस्ट कराना होगा तो कोर्ट में एसआईटी इस संबंध में प्रार्थना पत्र देगी। हालांकि नार्को टेस्ट कराने के लिए आरोपियों की सहमति जरूरी है।
रिश्तेदारों के घर से मिले गहने, लॉकर इंचार्ज की जमानत खारिज
पुलिस को लिखापढ़ी से पता चला है कि अभी तक जो जेवरात बरामद किए गए हैं, वे शुभम मालवीय व अन्य आरोपियों के रिश्तेदारों के घरों से मिले हैं। यानी इन सभी ने रिश्तेदारों को जेवरात बेचे थे। गिरोह के एक दो सदस्यों की जिम्मेदारी थी कि वह जेवरात ठिकाने लगाएंगे। उधर शनिवार को शुभम मालवीय की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।