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जीएसटी कमिश्नर को हिंदी प्रेम पड़ा भारी: मातृभाषा में पत्राचार किया तो IRS अफसर का तबादला, दिखावे की खोली कलई

Thu, 21 Sep 2023 08:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 21 Sep 2023 08:47 AM IST
सार

हिंदी में पत्राचार करने पर सेंट्रल जीएसटी कमिश्नर का तबादला करने का मामला सामने आया है। वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हिंदी में काम करने के दिखावे की कलई खोल दी है। उन्होंने कहा कि अफसर अंग्रेजी के गुलाम हैं।
 

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Kanpur Central GST Commissioner Transferred For Correspondence In Mother Tongue
Central GST Commissioner - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंदी के उत्थान के लिए मनाए जा रहे हिंदी पखवाड़ा दिवस पर भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और सीजीएसटी कमिश्नर सोमेश तिवारी का हिंदी प्रेम भारी पड़ गया। राजभाषा में पत्रावली से लेकर दिशा-निर्देशों को अंग्रेजी में जारी करने के विरोध ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) में खलबली मचा दी है।
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उन्होंने प्रमाण के साथ शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक की है। पीएमओ ने पूरे मामले में सात दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। नतीजा ये हुआ कि उनका ट्रांसफर गुंटूर कर दिया गया। नियमों को किनारे रख किए गए ट्रांसफर के विरोध में वे हाईकोर्ट चले गए हैं।
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कानपुर में जीएसटी आयुक्त ऑडिट पद पर कार्यरत सोमेश तिवारी राजभाषा का कार्य भी करते हैं। राजभाषा में पत्राचार की पैरवी करते हैं। वह विभाग में 90 फीसदी से ज्यादा कामकाज अंग्रेजी में होने का लगातार विरोध कर रहे थे। 
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इस संबंध में सबसे पहले सतर्कता आयोग को पत्र लिखकर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड पर सीधा आरोप लगाया और कहा कि उनके अंग्रेजी प्रेम के कारण हिंदी पनप नहीं पा रही है। हिंदी दिवस पर ली जाने वाली शपथ पर भी लिखित में कहा कि सभी झूठ बोलते हैं और शपथ लेते समय उनका लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए।

इसके बाद भी हिंदी में कामकाज न करने के कारण वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी ने पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर दी। पीएमओ से इस मामले में जवाब भी बोर्ड से मांगा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

 

इस पर सोमेश तिवारी ने पुन: लिखा कि जिसके खिलाफ शिकायत की है, उसी को जांच सौंपी जा रही हैं। इसलिए इंसाफ नहीं मिल सकता। आंध्र प्रदेश के गुंटूर तबादला होने के बाद हाईकोर्ट में उन्होंने तर्क दिया है कि ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम तक नहीं था। 

 

इसके अतिरिक्त ट्रांसफर से पहले च्वाइस मांगी जाती है। लखनऊ, कानपुर, रायपुर और भोपाल में पद खाली थे। इसके बावजूद उन्हें गैर हिंदी प्रांत जानबूझकर भेजा गया है। बोर्ड द्वारा किए गए तबादले के बाद वह अवकाश पर चले गए हैं।
 

विभाग में हिंदी का पत्राचार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को ही रास नहीं आया। हिंदी दिवस पर राजभाषा के सम्मान के लिए मैं हिंदी में पत्राचार करता हूं, लेकिन अंग्रेजी के गुलाम बोर्ड ने इसका समर्थन करने के बजाय नियम ताक पर रख मुझे कानपुर से गुंटूर भेज दिया। गुंटूर के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि यहां अंग्रेजी में ही काम करना होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की। वहां से विभाग को सात दिन में जवाब देने का निर्देश दिया गया लेकिन उसे अफसर दबा गए। - सोमेश तिवारी, भारतीय राजस्व सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, सीजीएसटी कमिश्नर

मुखबिरों के सीक्रेट फंड में गड़बड़ी का भी लगाया था आरोप
सोमेश तिवारी ने मुखबिरों के लिए आने वाले सीक्रेट फंड में गड़बड़ी के भी आरोप लगाए थे। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की है। कर चोरी रोकने के लिए विभाग में मुखबिरों का नेटवर्क तैयार किया जाता है। मुखबिर कर चोरों के बारे में जानकारी देते हैं। सूचना सही मिलने पर उन्हें नकद भुगतान किया जाता है। इसका कोई ऑडिट नहीं कराया जाता है। यह फंड उच्च अफसरों के पास रहता है।

सीक्रेट फंड में हर साल 22 करोड़ रुपये जारी किए गए
पत्र में आरोप लगाया था कि शहर के कर विभाग में चार-पांच साल में सरकार की ओर से बड़ी रकम भेजी गई, लेकिन इसका अफसरों ने निजी इस्तेमाल कर लिया। शिकायत में कहा गया था कि कानपुर समेत पूरे देश में सीक्रेट फंड में हर साल 22 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसकी जानकारी सूचना अधिकार अधिनियम में दी गई है।

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