लॉकर डकैती मामला: सेंट्रल बैंक की कराचीखाना शाखा का होगा स्पेशल ऑडिट, सभी स्टाफ की भी होगी जांच
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना के 11 लॉकरों से गहने चोरी होने के मामले में ग्राहकों को बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन मामले की गहन जांच के लिए बैंक प्रबंधन बड़ी कार्रवाई करने वाला है। इसके तहत शाखा का स्पेशल ऑडिट होगा।
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा का स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा। इसके अलावा पूर्व में तैनात रहे पूरे स्टाफ की जांच कराई जाएगी। इसमें लॉकर टूटने के मामले में सभी की भूमिका की जांच होगी। वहीं लॉकर पीड़ितों ने बैंक के उच्च अफसरों के नाम एफआईआर से हटाने के लिए शपथ पत्र दिया है।
बैंक लॉकर तोड़कर लूटने के मामले में लॉकर पीड़ित मंजू भट्टाचार्य ने 14 मार्च को पहली एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद दूसरी पीड़िता सीता गुप्ता के लॉकर से लाखों के गहने चोरी होने का मामला सामने आया था। उन्होंने भी एफआईआर दर्ज कराई थी। फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में तीसरा मामला सामने आया था। बाद में आठ और मामले सामने आए थे इसमें पौने चार करोड़ के गहने चोरी होने की जानकारी हुई थी।
पुलिस ने बैंक मैनेजर और लॉकर इंचार्ज समेत पांच लोगों को जेल भेजा था। साथ ही एक किलो सोने के गहने बरामद करने का दावा किया था। बैकफुट पर आए बैंक प्रबंधन ने सभी पीड़ितों को मुआवजा दे दिया है।
क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय ने बताया कि कराचीखाना शाखा का स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। शाखा के पूरे स्टाफ को बदला जा चुका है। लेकिन ऑडिट के तहत इनकी भी जांच कराई जाएगी। स्पेशल ऑडिट के तहत पूरे घटनाक्रम की जांच होगी। बैंक के सुरक्षा, विधिक अफसर समेत सबकी भूमिका देखी जाएगी। वहीं, लॉकर पीड़ितों ने मुआवजा मिलने से पहले पुलिस अफसरों को सीएमडी, जोनल मैनेजर और रीजनल मैनेजर के खिलाफ तहरीर दी थी। अब पीड़ितों ने तीनों अफसरों के नाम हटाने को कहा है।