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सीमेंट किंग यदुपति ने 500 करोड़ की कंपनी को बनाया 6000 करोड़ की पूंजी वाली कंपनी
Fri, 14 Aug 2020 12:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 14 Aug 2020 12:28 PM IST
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उद्योगपति यदुपति सिंहानिया (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
यदुपति सिंहानिया के भीतर पारिवारिक उद्यमिता के गुण कूट-कूटकर भरे थे। अपने कौशल और उद्यम क्षमता की बदौलत ही उन्होंने पांच सौ करोड़ की कंपनी को छह हजार करोड़ पूंजी वाली कंपनी में तब्दील कर दिया। सीमेंट उद्योग को ऊंचाइयों पर पहुंचाने की वजह से ही उन्हें कारोबार जगत में सीमेंट किंग कहा जाने लगा।
पारिवारिक बंटवारे के बाद उन्होंने जेके सीमेंट का काम संभाला। इसके कुछ ही वर्षों में उन्होंने अभूतपूर्व विस्तार किया। छोटी सी कंपनी को दुनिया की चुनिंदा सीमेंट कंपनियों की कतार में खड़ा कर दिया। आज जेके सीमेंट की पहचान दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में है। जेके सीमेंट कंपनी करीब चार दशक पहले अस्त्वि में आई थी।
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पारिवारिक बंटवारे के बाद उन्होंने जेके सीमेंट का काम संभाला। इसके कुछ ही वर्षों में उन्होंने अभूतपूर्व विस्तार किया। छोटी सी कंपनी को दुनिया की चुनिंदा सीमेंट कंपनियों की कतार में खड़ा कर दिया। आज जेके सीमेंट की पहचान दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में है। जेके सीमेंट कंपनी करीब चार दशक पहले अस्त्वि में आई थी।
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उद्योगपति कमलापत सिंहानिया ने वर्ष 1975 में कंपनी की पहली औद्योगिक इकाई राजस्थान के निंबाहेड़ा में स्थापित कराई थी। लेकिन कंपनी का विस्तार यदुपति सिंहानिया के वर्ष 2004 में कामकाज संभालने के बाद ही हुआ। वर्ष 2009 में यदुपति ने राजस्थान के ही मंगरोल और गोटन में दो और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कराई।
वर्ष 2014 में दक्षिण भारत की ओर रुख किया। कर्नाटक के मुद्दापुर में एक और इकाई स्थापित कराई। विस्तार का सिलसिला वर्ष 2015 में हरियाणा के झज्जर, मध्यप्रदेश के कटनी और यूपी के अलीगढ़ तक पहुंचा। इस तरह से कनपुरिया उद्योगपति की सीमेंट देश के कोने-कोने तक पहुंची।
साल दर साल टर्नओवर बढ़ता गया। कंपनी नित नए मुकाम हासिल करती गई। व्हाइट सीमेंट में देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक बने। कंपनी की औद्योगिक इकाइयों में हर साल आठ लाख टन सिर्फ व्हाइट सीमेंट बनाई जाती है। जेके सीमेंट के वर्तमान में आठ ब्रांड हैं। दुनिया के लगभग 50 देशों में इसका निर्यात होता है।
वर्ष 2014 में दक्षिण भारत की ओर रुख किया। कर्नाटक के मुद्दापुर में एक और इकाई स्थापित कराई। विस्तार का सिलसिला वर्ष 2015 में हरियाणा के झज्जर, मध्यप्रदेश के कटनी और यूपी के अलीगढ़ तक पहुंचा। इस तरह से कनपुरिया उद्योगपति की सीमेंट देश के कोने-कोने तक पहुंची।
साल दर साल टर्नओवर बढ़ता गया। कंपनी नित नए मुकाम हासिल करती गई। व्हाइट सीमेंट में देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक बने। कंपनी की औद्योगिक इकाइयों में हर साल आठ लाख टन सिर्फ व्हाइट सीमेंट बनाई जाती है। जेके सीमेंट के वर्तमान में आठ ब्रांड हैं। दुनिया के लगभग 50 देशों में इसका निर्यात होता है।