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चित्रकूट: सिंचाई विभाग के जेई की गिरफ्तारी के बाद सहयोगियों की तलाश, सीबीआई टीम खंगाल रही रिकॉर्ड
Wed, 18 Nov 2020 12:07 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Nov 2020 12:07 AM IST
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चित्रकूट जिले में यौन शोषण कर वीडियो बनाने और फिर वीडियो अपलोड कर करोड़ों रुपये कमाने वाले मामले की जांच अभी जारी है। सीबीआई की जांच से सिर्फ चित्रकूट ही नहीं बल्कि बांदा, हमीरपुर व महोबा तक इसकी आंच पहुंच रही है।
15 दिन बाद दिल्ली की सीबीआई टीम ने फिर आरोपी जेई व उसके चालक को लेकर चित्रकूट में डेरा जमाया है। इसकी जानकारी होते ही फिर जिले में हड़कंप मच गया है। मंगलवार को सीबीआई टीम ने आरोपी जेई रामभवन व उसके वाहन चालक अभय को लेकर सिंचाई विभाग के आस पास के अलावा एसडीएम कालोनी आवास के पास पहुंची।
जेई व चालक के बयान के अनुसार भरतकूप के रसिन व महोबा के अर्जुनबांध के रेस्टहाउस के पास भी पहुंची। जहां पर पीड़ित बच्चों के परिजनों को पहचानने व उनके परिजनों से गुप्त तरीके से पूछताछ करने का प्रयास किया गया।
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जानकारी के अनुसार यह टीम बुधवार को बांदा व महोबा फिर जा सकती है। सुरक्षा व जांच को लेकर सीबीआई टीम के सदस्य मीडिया से कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। इधर फिर से सीबीआई टीम के आने की जानकारी होते ही सिंचाई विभाग में सबसे ज्यादा हड़कंप मचा है।
ज्यादातर अधिकारियों के मोबाइल स्वीच ऑफ हो गए हैं या फिर उनके फोन पर रिंग जाती है पर फोन नहीं उठ रहे हैं। जेई रामभवन मूल रूप से नरैनी बांदा निवासी है। जबकि चालक अभय कुमार कछारपुरवा कालूपुर निवासी है।
जेई सन 2010 से चित्रकूट में तैनात है। परिजनों के अनुसार जेई की शादी वर्ष 2007 में हुई थी उसके कोई संतान है। 2013 में वह अपने भाई के छोटे पुत्र को अपने साथ रखकर पालन पोषण करता है।
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15 दिन बाद दिल्ली की सीबीआई टीम ने फिर आरोपी जेई व उसके चालक को लेकर चित्रकूट में डेरा जमाया है। इसकी जानकारी होते ही फिर जिले में हड़कंप मच गया है। मंगलवार को सीबीआई टीम ने आरोपी जेई रामभवन व उसके वाहन चालक अभय को लेकर सिंचाई विभाग के आस पास के अलावा एसडीएम कालोनी आवास के पास पहुंची।
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जेई व चालक के बयान के अनुसार भरतकूप के रसिन व महोबा के अर्जुनबांध के रेस्टहाउस के पास भी पहुंची। जहां पर पीड़ित बच्चों के परिजनों को पहचानने व उनके परिजनों से गुप्त तरीके से पूछताछ करने का प्रयास किया गया।
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जानकारी के अनुसार यह टीम बुधवार को बांदा व महोबा फिर जा सकती है। सुरक्षा व जांच को लेकर सीबीआई टीम के सदस्य मीडिया से कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। इधर फिर से सीबीआई टीम के आने की जानकारी होते ही सिंचाई विभाग में सबसे ज्यादा हड़कंप मचा है।
ज्यादातर अधिकारियों के मोबाइल स्वीच ऑफ हो गए हैं या फिर उनके फोन पर रिंग जाती है पर फोन नहीं उठ रहे हैं। जेई रामभवन मूल रूप से नरैनी बांदा निवासी है। जबकि चालक अभय कुमार कछारपुरवा कालूपुर निवासी है।
जेई सन 2010 से चित्रकूट में तैनात है। परिजनों के अनुसार जेई की शादी वर्ष 2007 में हुई थी उसके कोई संतान है। 2013 में वह अपने भाई के छोटे पुत्र को अपने साथ रखकर पालन पोषण करता है।