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यौन उत्पीड़न के आरोपी अवर अभियंता के करीबियों तक पहुंची सीबीआई, फर्जी ई-मेल आईडी बनाने में माहिर था जेई

Sat, 21 Nov 2020 10:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 21 Nov 2020 10:48 PM IST
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CBI reaches to close person of JE
सांकेतिक तस्वीर
चित्रकूट जिले में चालीस साल की उम्र में करीब 50 बच्चों संग यौन उत्पीड़न करने के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन के खिलाफ सुबूत जुटाने के लिए सीबीआई की टीम ने पूरा जोर लगा दिया है।
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सीबीआई की टीम ने धर्मनगरी में दूसरे दिन भी कई स्थानों पर जाकर जेई के खिलाफ कई साक्ष्य एकत्र किए। इस दौरान टीम में शामिल अफसरों की पैनी नजर सिंचाई विभाग के दफ्तर और कालोनी के आसपास रही।
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सीबीआई का पूरा जोर 24 नवंबर को कोर्ट में रिमांड पर सुनवाई के पहले महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करने का है। इंटरनेशनल वेबसाइट में यौन शाषण के वीडियो डालकर लाखों रुपये कमाने के आरोपी जेई रामभवन जिस कार्यालय में कार्यरत था और जहां वह रहता था, वहां के लोगों का सीबीआई मन टटोल रही है।
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सीबीआई को उम्मीद है कि इन लोगों से कुछ न कुछ जेई के खिलाफ हासिल किया जा सकता है। ये सब काम सीबीआई की टीम बेहद गुप्त तरीके से कर रही है। शनिवार को सीबीआई टीम ने मुख्यालय में रहकर कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाने का काम किया।

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने भरतकूप, शिवरामपुर, कसहाई और पहाड़ी मार्ग के आसपास की बस्तियों में जाकर लोगों से निलंबित जेई रामभवन के बारे में जानकारी ली। लोगों का कहना कि है शुक्रवार की रात और शनिवार को सुबह सीबीआई टीम के कुछ सदस्यों ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर साक्ष्य एकत्र करने की कोशिश की।

जेई के सहयोगियों, उसके नजदीकी रिश्तेदारों और अन्य संगठनों के लोगों के बारे में जानने का प्रयास किया। सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस मुद्दे पर मौन हैं। सीबीआई के खौफ के चलते किसी की भी जुबान नहीं खुल रही है।

उधर, सीबीआई की टीम सिंचाई विभाग कार्यालय के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र करने का काम कर रही है। बताया गया कि सीबीआई की टीम सिंचाई विभाग के दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर यह पता लगा रही कि जेई से मिलने कौन-कौन बाहरी व्यक्ति आता था।

इसके अलावा जेई के व्यवहार और कार्यशैली की भी पड़ताल की जा रही है। उधर, सीबीआई की दो टीमें अभी भी चित्रकूट और बांदा में कैंप कर जेई के गुनाहों से पर्दा हटाने की मुहिम में जुटी हुई हैं। जल्द ही रामभवन के काले कारनामों में सहयोग देने वाले कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है।

फर्जी ई-मेल आईडी बनाने में माहिर था जेई
सीबीआई बच्चों के मामले में गिरफ्तार सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन को रिमांड में लेकर घिनौने खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही विजय के नाम से इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल सिम और फर्जी ई-मेल आईडी की सच्चाई से पर्दा उठाने की जुगत में है।

जेई के तीन मोबाइल फोन और तीन ई-मेल आईडी का जिक्र सीबीआई ने अपनी एफआईआर में भी किया है। जेई के तीन नंबरों में एक नंबर सभी जानने वालों के पास था। दूसरे नंबर की जानकारी सिर्फ  बेहद करीबियों को थी, जबकि तीसरे नंबर का इस्तेमाल वह सिर्फ  अपने गुनाहों के काले कारनामों के लिए ही करता था।

कौन है विजय जिसके नाम बनी ईमेल आईडी
जेई रामभवन जिन तीन ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करता था, उन सभी में विजय नाम का इस्तेमाल है। दो आईडी में विजय और एक संजय के नाम की बनी है। सूत्रों की मुताबिक, सीबीआई ने रामभवन के खिलाफ 31 अक्तूबर को केस दर्ज किया है। शिकायत के साथ जो पेन ड्राइव दी गई थी, उसमें 34 वीडियो और 679 फोटोग्राफ्स थे। ये सभी उन बच्चों के होने की आशंका है जिन्हें रामभवन ने शिकार बनाया था।
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