{"_id":"5ee7c5188ebc3e42b240069c","slug":"cbi-reached-some-bungalows-in-kanpur-with-district-administration-and-bic-officials","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: सीबीआई का डेरा, बीआईसी के बिके बंगलों की पैमाइश शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: सीबीआई का डेरा, बीआईसी के बिके बंगलों की पैमाइश शुरू
Tue, 16 Jun 2020 12:33 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Jun 2020 12:33 AM IST
विज्ञापन
कानपुर में सीबीआई का डेरा
- फोटो : अमर उजाास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में बीआईसी के बंगलों की बिक्री में बरती गई अनियमितता की जांच कर रही सीबीआई टीम ने सोमवार से फिर शहर में डेरा डाल दिया। जिला प्रशासन और बीआईसी के कुछ अफसरों के साथ बिक चुके बंगलों में पहुंचकर नापजोख कराई। इसके बाद इसका मिलान कागजातों से किया जाएगा।
इन बंगलों को बीआईसी के अफसरों ने साठगांठ कर शहर के रईसोें को कौड़ियों के दाम में बेचा था। सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दाखिल होने के बाद सीबीआई दो साल से मामले की जांच कर रही है। बीआईसी के पूर्व सीएस केसी बाजपेयी और सीएमडी केएस दुग्गल के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार अफसरों ने मिलीभगत 27 बंगलों को महज 100 करोड़ रुपये में बेच डाला था।
इन लोगों ने खरीदे हैं बंगले
मेसर्स जार्ज एंड संस, मेसर्स शीलिंग हाउस स्कूल, मेसर्स एसपीएफएल प्राइवेट लिमिटेड, भार्गव प्राइवेट लिमिटेड, हिडेन ब्यूटी डेवलपर्स, बालाजी कंस्ट्रक्शन, कमल किशोर चौरसिया, पीसी कुरेले, आनंद कुमार चौरसिया, एमवीआर बिल्डर्स, फ्लोमोर बिल्डर्स, पफैजान मलिक, एस तिवारी, टीपी गुप्ता, सुशांत तिवारी, एमजी डेवलपर्स एंड मिर्जा टेनर्स लिमिटेड, मेसर्स एमेजॉन इंटरप्राइजेज लिमिटेड, एसपीएपएफआर रियल इस्टेट लिमिटेड ने मिलकर 27 बंगलों को खरीदा है।
विज्ञापन
खत्म होगा बंगलों का सौदा
सूत्रों ने बताया कि 19 बंगलों में अभी केवल 25 फीसदी रकम ली गई है। ऐसे में मामले का खुलासा होने के बाद इनकी बिक्री रद्द की जा सकती है।
विज्ञापन
इन बंगलों को बीआईसी के अफसरों ने साठगांठ कर शहर के रईसोें को कौड़ियों के दाम में बेचा था। सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दाखिल होने के बाद सीबीआई दो साल से मामले की जांच कर रही है। बीआईसी के पूर्व सीएस केसी बाजपेयी और सीएमडी केएस दुग्गल के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार अफसरों ने मिलीभगत 27 बंगलों को महज 100 करोड़ रुपये में बेच डाला था।
विज्ञापन
इन लोगों ने खरीदे हैं बंगले
मेसर्स जार्ज एंड संस, मेसर्स शीलिंग हाउस स्कूल, मेसर्स एसपीएफएल प्राइवेट लिमिटेड, भार्गव प्राइवेट लिमिटेड, हिडेन ब्यूटी डेवलपर्स, बालाजी कंस्ट्रक्शन, कमल किशोर चौरसिया, पीसी कुरेले, आनंद कुमार चौरसिया, एमवीआर बिल्डर्स, फ्लोमोर बिल्डर्स, पफैजान मलिक, एस तिवारी, टीपी गुप्ता, सुशांत तिवारी, एमजी डेवलपर्स एंड मिर्जा टेनर्स लिमिटेड, मेसर्स एमेजॉन इंटरप्राइजेज लिमिटेड, एसपीएपएफआर रियल इस्टेट लिमिटेड ने मिलकर 27 बंगलों को खरीदा है।
विज्ञापन
खत्म होगा बंगलों का सौदा
सूत्रों ने बताया कि 19 बंगलों में अभी केवल 25 फीसदी रकम ली गई है। ऐसे में मामले का खुलासा होने के बाद इनकी बिक्री रद्द की जा सकती है।