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कार्रवाई हुई बी चंद्रकला पर और नींद उड़ी इन नेताओं की, पढ़िए 'खनन का खेल'

Mon, 07 Jan 2019 09:17 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 07 Jan 2019 09:17 AM IST
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CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence and illegal mining mafia
डेमो पिक
सीबीआई की छापेमारी के बाद यूपी के हमीरपुर जिले में मौरंग खनन कारोबार से जुड़े कारोबारियों में दहशत का माहौल है। रविवार को भी सीबीआई के जिले में होने की चर्चाएं रहीं। देखा जाए तो बसपा और सपा सरकार में 10 सालों में खनन में जमकर खेल हुआ है। इस बीच राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का कहीं न कहीं सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से मौरंग के कारोबार से जुड़े होने में नाम सामने आए हैं। 
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence and illegal mining mafia
डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
जिले में सबसे अधिक मौरंग का खनन बेतवा, केन और धसान नदियों से किया गया है। मनमानी तरीके से 31 मई 2012 के बाद 49 खनन पट्टों की स्वीकृति दी गई। इसमें सर्वाधिक 17 पट्टे सपा एमएलसी रमेशचंद्र मिश्रा और उनके परिवार के लोगों के नाम हुए। वहीं पट्टा पाने में दूसरे नंबर पर संजय दीक्षित रहे जिनको 11 पट्टे स्वीकृत हुुए। इसके बाद लोनिवि में लिपिक रहे रामऔतार और करन सिंह की पत्नी व मुनीम एवं उनके नाते रिश्तेदारों के नाम पट्टे हुए।
CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence and illegal mining mafia
डेमो पिक
सपा एमएलसी, उनके भाई दिनेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित और उनके पिता सत्यदेव दीक्षित व रामऔतार सिंह एवं जालौन के करन सिंह, खनिज अधिकारी रहे मोईनुद्दीन सहित तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की है।

इस कार्रवाई के बाद मौरंग खनन से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। 16 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट के निर्देश पर अप्रैल 2017 में सीबीआई ने कार्यदायी संस्थाओं के विभागाध्यक्षों से पूछताछ की थी। तब पाया गया था कि ठेकेदारों ने बिना रायल्टी पर्ची से निकलने वाली मौरंग का उपयोग भवन निर्माण और सीसी सड़कों जैसे कार्यों में किया है। इन कार्यों में करोड़ों रुपये की अवैध मौरंग का उपयोग किया गया था।
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CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence and illegal mining mafia
डेमो पिक
सीबीआई ने पिछली जांच में करीब 32 कारोबारियों, अधिकारियों और मौरंग खनन में लिप्त रहे जनप्रतिनिधियों की सूची तैयार की है। इनमें ज्यादातर से पूछताछ भी की। कई को दिल्ली तलब किया है। फिलहाल सीबीआई टीम के जिले में होने की चर्चाएं तेज होने से कारोबारियों में दहशत है।   

 
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CBI raid at IAS officer B Chandrakala residence and illegal mining mafia
डेमो पिक
सपा सरकार में करीब ढाई साल जिले की डीएम रहीं बी चंद्रकला ने नियमों की अनदेखी कर सर्वाधिक 43 खनन पट्टे किए। उनके बाद जिलाधिकारी रहे भवनाथ ने चार और संध्या तिवारी ने दो खनन पट्टे किए। इन्हीं पट्टों में से सर्वाधिक सपा एमएलसी रमेश मिश्रा और उनके सगे संबंधियों के नाम 17 पट्टे किए गए। वहीं बसपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित सहित सगे संबंधियों के नाम 11 पट्टे हुए जबकि रामऔतार सिंह और करन सिंह सहित अन्य कारोबारियों के नाम 28 पट्टे हुए। इनमें पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी सहित अन्य नेताओं और उनके करीबियों के नाम भी शामिल हैं।
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