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लाेकसभा चुनाव 2019 में अगर आप भी बैंक से निकालेंगे अधिक नकदी तो हो सकती है दिक्कत, जरा संभल कर
Sat, 23 Mar 2019 08:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 23 Mar 2019 08:34 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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चुनावी माहौल में आयकर विभाग ने बैंकों से कहा है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में दो लाख रुपये से अधिक की निकासी वाले लेनदेन को भी संदेह की नजर से देखें और इसका विवरण विभाग को उपलब्ध कराएं। बताया जा रहा है कि बैंक चुनाव आयोग की मंशा को भांपते हुए दो लाख रुपये से अधिक नकदी की निकासी की जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध कराएंगे।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड इस बार चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रयास कर रहा है। बीते बुधवार को बोर्ड के चेयरमैन पीसी मोदी की विभाग के महानिदेशकों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी इस बात पर जोर दिया गया। कहा तो यहां तक गया कि बड़े लेनदेन की जानकारी न देने वाले बैंकों में भी छापे मारे जाएं।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड इस बार चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रयास कर रहा है। बीते बुधवार को बोर्ड के चेयरमैन पीसी मोदी की विभाग के महानिदेशकों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी इस बात पर जोर दिया गया। कहा तो यहां तक गया कि बड़े लेनदेन की जानकारी न देने वाले बैंकों में भी छापे मारे जाएं।
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चुनाव में होता है काले धन का प्रयोग
यह भी ध्यान रखा जाए कि किस बैंक से और किन कारणों से भारी ट्रांजेक्शन हो रहा है। हालांकि 10 लाख रुपये से अधिक के जमा और निकासी की जानकारी सभी बैंकों से आयकर विभाग की दिल्ली स्थित खुफिया विंग फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) को स्वत: पहुुंचती है।
इसके बाद एफआईयू जांच निदेशालय को ज्यादा नकदी निकासी अथवा जमा करने के कारणों की पड़ताल के लिए मामला अग्रसारित करता है। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है। चुनाव के समय आयकर विभाग को सूचनाओं की तत्काल जरूरत होगी।
इस वजह से बैंकों से बतौर सहयोग बड़ी निकासी की जानकारी तत्काल ही देने को कहा गया है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग धन बल के इस्तेमाल को रोकने के लिए लेकर गंभीर है। यही वजह है कि इस बार मतदान से पहले सोना और नकदी बरामदगी की खबरें ज्यादा आ रही हैं।
इसके बाद एफआईयू जांच निदेशालय को ज्यादा नकदी निकासी अथवा जमा करने के कारणों की पड़ताल के लिए मामला अग्रसारित करता है। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है। चुनाव के समय आयकर विभाग को सूचनाओं की तत्काल जरूरत होगी।
इस वजह से बैंकों से बतौर सहयोग बड़ी निकासी की जानकारी तत्काल ही देने को कहा गया है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग धन बल के इस्तेमाल को रोकने के लिए लेकर गंभीर है। यही वजह है कि इस बार मतदान से पहले सोना और नकदी बरामदगी की खबरें ज्यादा आ रही हैं।