{"_id":"60ba30828ebc3e01810c4c67","slug":"case-of-smuggling-of-fake-injection-of-black-fungus-in-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन की तस्करी का मामला: पूछताछ में बोला बस से भेजता था इंजेक्शन, ज्ञानेश करता था रिसीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन की तस्करी का मामला: पूछताछ में बोला बस से भेजता था इंजेक्शन, ज्ञानेश करता था रिसीव
Fri, 04 Jun 2021 07:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 04 Jun 2021 07:24 PM IST
सार
एसीपी त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि लखनऊ से पकड़ा गया मेडिकल स्टोर संचालक विजय मौर्या रोडवेज बस के जरिए नकली इंजेक्शन भेजता था।
विज्ञापन
ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन बेंचने वाला विजय कुमार मौर्य
- फोटो : amar ujala
विस्तार
ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन की खेप रोडवेज बस के जरिए लखनऊ से कानपुर लाई गई थी। बस के परिचालक के बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। जिसे विवेचना में शामिल किया गया है। एसीपी त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि लखनऊ से पकड़ा गया मेडिकल स्टोर संचालक विजय मौर्या रोडवेज बस के जरिए नकली इंजेक्शन भेजता था।
बस के परिचालक को डिब्बा पहुंचाने के लिए 200 रुपये दिए जाते थे। झकरकटी बस स्टैंड पर ज्ञानेश शर्मा रिसीव करता था। 19 मई को भी विजय ने आलमबाग बस स्टैंड पर सवारी बैठा रहे गाजीपुर डिपो के परिचालक फतेहपुर सिकंदर निवासी राकेश कुमार को इंजेक्शन से भरा एक पैकेट सील कर के दिया था। उसने परिचालक से कहा था कि यह ब्लैक फंगस की दवा है।
झकरकटी बस स्टैंड पहुंचकर यह पैकेट ज्ञानेश शर्मा को देना है। जिसका मोबाइल नंबर भी विजय मौर्या ने परिचालक को दिया था। एसपी ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों के खिलाफ सारे साक्ष्य एकत्रित हो गए हैं। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही चार्जशीट दाखिल होगी। ऐसे कई और परिचालकों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस के परिचालक को डिब्बा पहुंचाने के लिए 200 रुपये दिए जाते थे। झकरकटी बस स्टैंड पर ज्ञानेश शर्मा रिसीव करता था। 19 मई को भी विजय ने आलमबाग बस स्टैंड पर सवारी बैठा रहे गाजीपुर डिपो के परिचालक फतेहपुर सिकंदर निवासी राकेश कुमार को इंजेक्शन से भरा एक पैकेट सील कर के दिया था। उसने परिचालक से कहा था कि यह ब्लैक फंगस की दवा है।
विज्ञापन
झकरकटी बस स्टैंड पहुंचकर यह पैकेट ज्ञानेश शर्मा को देना है। जिसका मोबाइल नंबर भी विजय मौर्या ने परिचालक को दिया था। एसपी ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों के खिलाफ सारे साक्ष्य एकत्रित हो गए हैं। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही चार्जशीट दाखिल होगी। ऐसे कई और परिचालकों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन