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चोरी के जेवर बेचने का मामला: रेलबाजार थाने के पूर्व एसओ विजय दर्शन का ऑडियो वायरल, खुद को बताया बेकसूर

Thu, 24 Oct 2024 11:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 24 Oct 2024 11:08 PM IST
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Case of selling stolen jewellery: Audio of former Railbazar police station SO Vijay Darshan goes viral
ऑडियो वायरल - फोटो : freepik.com
चोरी के जेवर बचने के मामले में निलंबित हुए रेलबाजार थाने के पूर्व एसओ विजय दर्शन शर्मा का गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो में विजय ने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि उसने बरामद जेवर के साथ चोर को बर्रा थानेदार को सौंपा था। ऑडियो के साथ केस डायरी के दो पर्चे भी वायरल किए। दावा किया कि अगर जेवर हड़पे हैं तो अब तक पुलिस की लिखापढ़ी में क्यों नहीं है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था हरीश चंदर ने वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि अगर विजय दर्शन निर्दोष हैं तो जांच अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखें। बयान दर्ज न कराने और गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व एसओ ने क्या कहा
पहली बात: मेरे निलंबन पत्र में लिखा है कि 10 अक्टूबर को चोर और बरामद माल बर्रा एसओ राजेश शर्मा को दिया। अगर 10 को सुपुर्द किया गया तो 12 तारीख तक चोर और बरामद माल कहां रखा गया। 12 अक्तूबर को चोर की गिरफ्तारी भी बर्रा थानाक्षेत्र से दिखाई गई है।
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दूसरी बात: 12 अक्तूबर को चोर की गिरफ्तारी के समय की गई लिखापढ़ी में भी कहीं भी चोर ने मेरा नाम नहीं लिया है। इसी मामले से संबंधित 21 अक्टूबर के पर्चे जिन्हें न्यायालय ने सीन भी किया है, उनमें भी कहीं मेरा नाम कहीं भी खोला गया है। सुनार ने भी बान में मेरा नाम नहीं लिया। साफ है कि पुलिस की लिखापढ़ी में कोई भी ऐसा तथ्य नहीं आया, जिससे कि मेरा नाम सामने आया हो।
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तीसरी बात: गाजियाबाद में तैनाती के दौरान एक जिम ट्रेनर को गोली मारने का आरोप सही नहीं है। माननीय न्यायालय ने इस मामले में मुझे निर्दोष मानते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
चौथी बात: पुलिस अफसरों का कहना है कि मुझे फोर्स लीव पर भेज दिया गया था। मैं आपको अवकाश संस्तुति पत्र भेज रहा हूं। इससे साफ है कि मैं माता-पिता की तबीयत खराब होने पर छुट्टी लेकर नियम से दो दिन के अवकाश पर गया था।
पांचवीं बात: मेरे ऊपर एक और आरोप लगा कि एनबीडब्ल्यू के आरोपी को पकड़ने के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले में भी जांच के बाद अफसरों द्वारा क्लीनचिट दी जा चुकी है।

जो भी पर्चे वायरल हुए हैं वह पूरी तरह से फर्जी हैं। बर्रा पुलिस ने चोर को पकड़ा और उसमें विजय दर्शन की कोई भूमिका नहीं थी, न ही उन्होंने कभी कोई सूचना दी। मामले की जांच चल रही है, सभी चीजें जल्द स्पष्ट हो जाएंगी। - राजेश शर्मा, थाना प्रभारी बर्रा

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