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कानपुर: श्याम नगर में भी भूमाफिया बेचे डाल रहे सरकारी जमीन, कब्जे से लेकर निर्माण कराने तक का ले रहे ठेका
Sun, 14 Feb 2021 04:07 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 14 Feb 2021 04:07 PM IST
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केडीए
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कानपुर में चकेरी के दहेली सुजानपुर की तरह श्यामनगर में भी भूमाफिया करोड़ों की सरकारी जमीन पर धड़ल्ले से प्लाटिंग कर बेचने में लगे हैं। केडीए और जिला प्रशासन की मिलीभगत से खुलेआम 25 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन बेची जा रही है।
इतना ही नहीं जमीन खरीदने वालों को बाकायदा कब्जा दिलाकर निर्माण कराने तक का ठेका लिया जा रहा है। रामनगरी, कृष्णा रेजीडेंसी सहित अन्य मोहल्लों में बेखौफ अवैध निर्माण चल रहे हैं। वर्तमान में भी 30 से ज्यादा अवैध निर्माण हो रहे हैं।
कमिश्नर के आदेश पर एडीएम (आपूर्ति) की अध्यक्षता वाली कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वार्ड-74 (श्याम नगर) के पार्षद राजीव सेतिया ने कमिश्नर डॉ. राजशेखर से शिकायत की थी कि श्याम नगर में पीएसी बाउंड्री से लगे चंदारी की आराजी संख्या- 470 की लगभग 22 बीघा सरकारी जमीन अविकसित है।
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केडीए की इस बेशकीमती जमीन पर 2012 में एक भूमाफिया ने अवैध कब्जा कर लिया। एक अन्य कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी भी इस जमीन को अपना बता रही है। कमिश्नर ने अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) को कमेटी का समन्वयक बनाया गया है। इसमें उप जिलाधिकारी सदर और केडीए के अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा शामिल हैं। कमेटी से संयुक्त रूप से कागजों और स्थलीय जांच करेंगे। 20 फरवरी को जांच रिपोर्ट तलब की गई है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
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इतना ही नहीं जमीन खरीदने वालों को बाकायदा कब्जा दिलाकर निर्माण कराने तक का ठेका लिया जा रहा है। रामनगरी, कृष्णा रेजीडेंसी सहित अन्य मोहल्लों में बेखौफ अवैध निर्माण चल रहे हैं। वर्तमान में भी 30 से ज्यादा अवैध निर्माण हो रहे हैं।
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कमिश्नर के आदेश पर एडीएम (आपूर्ति) की अध्यक्षता वाली कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वार्ड-74 (श्याम नगर) के पार्षद राजीव सेतिया ने कमिश्नर डॉ. राजशेखर से शिकायत की थी कि श्याम नगर में पीएसी बाउंड्री से लगे चंदारी की आराजी संख्या- 470 की लगभग 22 बीघा सरकारी जमीन अविकसित है।
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केडीए की इस बेशकीमती जमीन पर 2012 में एक भूमाफिया ने अवैध कब्जा कर लिया। एक अन्य कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी भी इस जमीन को अपना बता रही है। कमिश्नर ने अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) को कमेटी का समन्वयक बनाया गया है। इसमें उप जिलाधिकारी सदर और केडीए के अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा शामिल हैं। कमेटी से संयुक्त रूप से कागजों और स्थलीय जांच करेंगे। 20 फरवरी को जांच रिपोर्ट तलब की गई है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
शत्रु संपत्ति मामला, विवेचक बदले, वादी के लिए बयान
अरबों की शत्रु संपत्ति बेचे जाने के मामले की जांच अब बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को सौंपी गई है। अभी तक सब इंस्पेक्टर मो. खालिद मामले की जांच कर रहे थे। इंस्पेक्टर ने शनिवार को वादी के बयान दर्ज कर दस्तावेज जुटाए। सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया गया है।
डॉ. मो. अहमद जमाल ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर बेचे जाने की शिकायत की थी। पुलिस ने उनको ही वादी बना बजरिया थाने में केस दर्ज किया था। इसमें मोहम्मद फरहान, इसरत उल्लाह, इबादत उल्लाह, हाजी मुख्तार अहमद, गुलाम मोहीउद्दीन, तसनीम और जामी आरोपी हैं।
मामले की विवेचना मो. खालिद कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने विवेचक बदल दिया है। नए विवेचक बजरिया थानेदार ने विवेचना शुरू कर दी है। शनिवार को डॉ. मो. अहमद जमाल के बयान दर्ज किए। उन्होंने इंस्पेक्टर को बशीर एस्टेट के बारे में पूरी जानकारी दी। बताया कि किस तरह से कब्जा कर बेंचा गया। संबंधित दस्तावेज भी सौंपे। इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी के बयान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
अरबों की शत्रु संपत्ति बेचे जाने के मामले की जांच अब बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को सौंपी गई है। अभी तक सब इंस्पेक्टर मो. खालिद मामले की जांच कर रहे थे। इंस्पेक्टर ने शनिवार को वादी के बयान दर्ज कर दस्तावेज जुटाए। सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया गया है।
डॉ. मो. अहमद जमाल ने शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर बेचे जाने की शिकायत की थी। पुलिस ने उनको ही वादी बना बजरिया थाने में केस दर्ज किया था। इसमें मोहम्मद फरहान, इसरत उल्लाह, इबादत उल्लाह, हाजी मुख्तार अहमद, गुलाम मोहीउद्दीन, तसनीम और जामी आरोपी हैं।
मामले की विवेचना मो. खालिद कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने विवेचक बदल दिया है। नए विवेचक बजरिया थानेदार ने विवेचना शुरू कर दी है। शनिवार को डॉ. मो. अहमद जमाल के बयान दर्ज किए। उन्होंने इंस्पेक्टर को बशीर एस्टेट के बारे में पूरी जानकारी दी। बताया कि किस तरह से कब्जा कर बेंचा गया। संबंधित दस्तावेज भी सौंपे। इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी के बयान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।